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इटावा के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में शुक्रवार सुबह हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पुलिस विभाग में फॉलोवर के पद पर तैनात रहे उमाशंकर की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। उमाशंकर करीब 14 साल पहले रहस्यमय तरीके से लापता हो गए थे और महज एक महीने पहले ही घर लौटे थे। परिवार को उम्मीद थी कि अब उनकी जिंदगी फिर से सामान्य हो जाएगी और नौकरी भी बहाल हो जाएगी, लेकिन कचहरी जाते समय हुए हादसे ने सारी खुशियां मातम में बदल दीं। नौकरी बहाली के लिए निकले थे घर से जानकारी के अनुसार थाना सिविल लाइन क्षेत्र के सारंगपुरा निवासी 50 वर्षीय उमाशंकर पुत्र गोपी जाटव शुक्रवार सुबह करीब साढ़े सात बजे घर से कचहरी जाने के लिए निकले थे। बताया जा रहा है कि वह अपनी नौकरी बहाली और उससे जुड़े जरूरी कागजी काम के सिलसिले में कचहरी जा रहे थे। इसी दौरान इटावा-आगरा पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की सूचना रेलवे ट्रैक मैन ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। झोले में मिले दस्तावेजों से हुई पहचान मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की तलाशी ली तो उनके झोले में रखे दस्तावेज मिले। इन्हीं कागजों के आधार पर मृतक की पहचान उमाशंकर के रूप में हुई। घटना की सूचना परिवार को दी गई, जिसके बाद घर में चीख-पुकार मच गई। दोपहर करीब 12 बजे सिविल लाइन थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। 14 साल पहले अचानक हो गए थे लापता परिजनों के मुताबिक उमाशंकर पुलिस विभाग में फॉलोवर के पद पर तैनात थे और बकेवर थाने में उनकी पोस्टिंग थी। करीब 14 साल पहले वह अचानक लापता हो गए थे। परिवार और पुलिस ने काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग पाया। लंबे समय तक इंतजार के बाद परिवार ने उम्मीद लगभग छोड़ दी थी। हालांकि करीब एक महीने पहले वह अचानक घर वापस लौट आए थे।
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ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत:14 साल बाद लौटा था फॉलोवर, इटावा में कचहरी जाते समय हुआ हादसा