![]()
कानपुर में महाकवि भूषण की जन्मभूमि टिकवांपुर को नए सिरे से विकसित किया जाएगा। यहां महिला अस्पताल एवं प्रसूति केंद्र खोलने के साथ ही प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) का निर्माण कराया जाएगा। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने आश्वासन दिया है कि जब तक महिला अस्पताल शुरू नहीं होता, तब तक समाजसेवी रवींद्र कुमार मिश्र ‘विपिन’ द्वारा प्रशासन को दान दिए गए भवन में एक चिकित्सक और महिला डॉक्टर प्रतिदिन बैठकर मरीजों का इलाज करेंगे। शनिवार को महाकविभूषण फाउंडेशन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर टिकवांपुर के विकास और महाकवि भूषण की स्मृतियों को संरक्षित करने के संबंध में ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि घाटमपुर तहसील स्थित टिकवांपुर में चिकित्सा सुविधाओं का अभाव है। अस्पताल दूर होने के कारण गर्भवती महिलाओं को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। ऐसे में यहां शैयायुक्त प्रसूति केंद्र और महिला अस्पताल की स्थापना जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल ने महाकवि भूषण की जन्मभूमि पर अतिक्रमण और उपेक्षा का मुद्दा भी उठाया। जिस भवन में कभी प्राथमिक विद्यालय संचालित होता था, वहां मवेशी बांधे जा रहे हैं और भूसा रखा जा रहा है। इसे रोककर वहां ऑडिटोरियम बनाने की मांग की गई, ताकि महाकवि भूषण पर राष्ट्रीय स्तर के साहित्यिक और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित हो सकें। इसके अलावा उनकी फुलवारी में कूड़ा फेंकने वालों पर कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन में हमीरपुर रोड से गांव तक करीब एक किलोमीटर लंबे संपर्क मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कर चौड़ा करने, अमृत सरोवर के तालाबों की सफाई और जल संचयन की व्यवस्था करने की मांग भी की गई। प्रतिनिधिमंडल ने घाटमपुर तापीय विद्युत परियोजना का नाम महाकवि भूषण के नाम पर रखने और परियोजना में गांव के युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। जिलाधिकारी ने टिकवांपुर के विकास और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
Source link
टिकवांपुर के विकास की मांग:डीएम को सौंपा ज्ञापन; महिला अस्पताल, सड़क चौड़ीकरण का रखा प्रस्ताव