टाइल्स कारीगर को अगवाकर तमंचे की बट से मारा:कानपुर में फ्लैट में बंधक बनाकर पेशाब पिलाने की कोशिश, मरणासन्न कर जंगल में फेंका


कानपुर के नौबस्ता थानाक्षेत्र में बीच सड़क पर नशेबाजी का विरोध करना टाइल्स कारीगर को महंगा पड़ गया। दबंग टाइल्स कारीगर को कार में अगवा कर पनकी ले गए, जहां फ्लैट में चार घंटे तक बंधक बनाकर उसकी लात–घूंसों से बेरहमी से पिटाई की। इतने से भी मन न भरने पर आरोपियों ने पीटने के बाद उसके पेशाब पिलाने का प्रयास किया, विरोध करने पर उसकी नाक में तमंचे की बट मार दी और मरणासन्न हालत में विराट नगर चौकी के पास जंगलों में छोड़कर फरार हो गए। मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और पीड़ित व तीन आरोपियों का शांतिभंग की धारा में चालान कर दिया। 30 अप्रैल को किया था नशेबाजी का विरोध नौबस्ता, सिमरा गांव निवासी टाइल्स कारीगर सर्वेश वर्मा उर्फ बल्लू ने बताया कि 30 अप्रैल को वह किराने का सामान लेने घर के पास स्थित दुकान पर जा रहा था। रास्ते में गोपाल नगर निवासी निखिल ठाकुर अपने दोस्त अभय सैनी, विनय व यशोदा नगर निवासी अखिल दुबे के साथ बीच सड़क पर खड़े होकर शराब पी रहा था। बल्लू के मुताबिक उसने रास्ते से किनारे होकर खड़े होने को कहा तो आरोपियों ने गाली–गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर दो राउंड की फायरिंग विरोध करने पर दो राउंड हवाई फायरिंग की, जिससे इलाकाई लोग घरों से बाहर निकल आए। फायरिंग से डर कर वह चुपचाप अपने घर चला आया। मोहल्ले के लोगों ने घटना की जानकारी सर्वेश के पिता भारत को दी, जिस पर उन्होंने पुलिस से शिकायत करने की बात कही। सर्वेश ने बताया कि 4 मई को पिता काम पर गए थे, वह नौबस्ता थाने में शिकायत करने के लिए पिता के पास जा रहा था। इस दौरान आरोपी घर के पास आए और कार में बिठाकर उसे पनकी स्थित एक फ्लैट में ले गए, जहां उसे चार घंटे तक बनाकर लात–घूसों से बेरहमी से पिटाई की और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। सर्वेश के मुताबिक मारपीट करने के लिए बाद आरोपियों ने पेशाब पिलाने की कोशिश की, विरोध करने शराब पिलाने का प्रयास किया। मना करने पर नाक में तमंचे की बट मार दी, जिससे वह लहुलूहान हो गया। मारपीट के बाद आरोपी उसे विराट नगर चौकी के पीछे स्थित जंगल में फेंक कर फरार हो गए, घटना के बाद आरोपियों ने उसके परिचित को फोन कर कहा कि सर्वेश जंगल में पड़ा है, जाकर उसे उठा लो। मौके पर पहुंचे परिजन उसे बेसुध हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे और नौबस्ता थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़ित पर की शांतिभंग की कार्रवाई पूरे प्रकरण में नौबस्ता पुलिस की हीलाहवाली सामने आई। पुलिस आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115 (2) स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, धारा 352 (जानबूझकर अपमान करने और शांतिभंग करने के लिए उकसाना) और धारा 110 ( गैर इरादतन हत्या का प्रयास) के प्रयास में मुकदमा दर्ज किया, लेकिन अपहरण की धाराएं नहीं लगाई। पीड़ित ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसे मेडिकल कराने के लिए भेजा था। अस्पताल से वापस थाने लौटा तो पुलिस के पास एक रिकॉर्डिंग थी। जिसमें वह कह रहा था, कि– सब मिलकर मार रहे हो, दम हो तो एक–एक करके आओ… पीड़ित ने बताया कि इसके बाद नौबस्ता पुलिस ने तीन आरोपियों के साथ उसका भी शांतिभंग में चालान कर दिया। मामले में नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर अखिल दुबे, अभय सैनी व एक अन्य आरोपी नमन शुक्ला को गिरफ्तार कर शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। दोनों पक्षों का लंबे समय से विवाद चल रहा है, आए दिन दोनों के बीच मारपीट होने की बात सामने आई है।

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