झांसी पुलिस की 595 महिला रिक्रूट ने पूरी की ट्रेनिंग:दीक्षांत परेड में दिखाया अनुशासन और समन्वय, अब निभाएंगी अहम जिम्मेवारी


झांसी की पुलिस लाइन में ट्रेनिंग ले रहीं महिला रिक्रूट की रविवार को पुलिस लाइन ग्राउंड में भव्य दीक्षांत परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान 595 महिला रिक्रूट आरक्षियों ने शपथ लेकर पुलिस सेवा में अपनी नई जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन आलोक कुमार ने परेड की सलामी ली और सभी नवप्रशिक्षित महिला सिपाहियों को कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और निष्ठा के साथ सेवा करने की शपथ दिलाई। इस दीक्षांत परेड में झांसी के साथ-साथ ललितपुर, जालौन, औरैया, कानपुर देहात और कन्नौज जिलों की महिला रिक्रूट्स शामिल रहीं। परेड के दौरान महिला सिपाहियों ने अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रशिक्षण की उत्कृष्ट झलक पेश की। समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला सिपाहियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इससे उनका मनोबल और उत्साह और बढ़ा।
अधिकारियों ने कहा कि महिला पुलिस बल की बढ़ती संख्या से महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और भागीदारी को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य अपराध मुक्त, भय मुक्त और विकसित उत्तर प्रदेश बनाना है, जिसमें सशक्त पुलिस बल की अहम भूमिका है। इस मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति, जिलाधिकारी झांसी गौरांग राठी, जिला कारागार अधीक्षक सहित पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अब मिलेगी ये जिम्मेवारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना: शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भूमिका।
महिला सुरक्षा: छेड़छाड़, घरेलू हिंसा और महिला अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई। थानों में तैनाती: महिला हेल्प डेस्क, रिपोर्ट दर्ज करने और पीड़ितों की सहायता। गश्त और चेकिंग: नियमित पेट्रोलिंग, भीड़-भाड़ वाले इलाकों में निगरानी विशेष अभियानों में भागीदारी: एंटी-रोमियो स्क्वॉड, मिशन शक्ति जैसे अभियानों में योगदान। वीआईपी ड्यूटी: कार्यक्रमों, त्योहारों और संवेदनशील मौकों पर सुरक्षा व्यवस्था। ट्रैफिक प्रबंधन: यातायात नियंत्रण और सड़क सुरक्षा में सहयोग
जागरूकता अभियान: महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता फैलाना। इस लिए होती है दीक्षांत परेड प्रशिक्षण की पूर्णता का प्रतीक: यह परेड बताती है कि रिक्रूट्स ने अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। अनुशासन और दक्षता का प्रदर्शन: परेड के जरिए जवान अपने शारीरिक कौशल, अनुशासन और ड्रिल की क्षमता दिखाते हैं। सेवा की शपथ: इस मौके पर रिक्रूट्स देश और समाज की सेवा करने की शपथ लेते हैं। औपचारिक नियुक्ति की शुरुआत: परेड के बाद उन्हें पुलिस बल में सक्रिय ड्यूटी के लिए तैयार माना जाता है। प्रेरणा और सम्मान: उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया जाता है, जिससे बाकी जवानों का मनोबल बढ़ता है।
जनविश्वास का संदेश: यह कार्यक्रम जनता को सुरक्षा और सशक्त पुलिस बल का भरोसा दिलाता है।

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