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उन्नाव में घर में हिस्सा और अपने जेवर वापस नहीं मिलने से परेशान एक युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालत बिगड़ने पर पड़ोसियों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उपचार के दौरान पेट की सफाई कर उसकी जान बचाने का प्रयास किया। फिलहाल युवक का इलाज चल रहा है। दरियापुर निवासी उमर अली ने जिला अस्पताल में डॉक्टर को बताया कि करीब 18-19 साल पहले वह साबरी में काम करता था। उस दौरान उसने अपनी मेहनत की कमाई से जेवर बनवाए थे। उसके मुताबिक, उसके पास छह चूड़ियां, तीन हार, पांच अंगूठियां, बालियां और अन्य जेवर थे। उमर ने बताया कि मां की मौत के बाद वह घर गया और अपने जेवर वापस मांगे। आरोप है कि परिवार के लोगों ने जेवर देने से इनकार कर दिया। ‘घर में तुम्हारा कोई हिस्सा नहीं’ उमर के मुताबिक, उसने जेवर के साथ घर में अपने हिस्से की भी मांग की थी। आरोप है कि घरवालों ने यह कहते हुए हिस्सा देने से मना कर दिया कि घर में उसका कोई हिस्सा नहीं है। इससे वह तनाव में आ गया और उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। जहर खाने के बाद हालत बिगड़ने पर पड़ोसियों ने उसकी मदद की और स्कूटी से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया। उमर के मुताबिक, डॉक्टरों ने नाक के रास्ते नली डालकर पेट की सफाई की। सुसाइड नोट में घरवालों पर लगाए आरोप जिला अस्पताल में उमर के पास से सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें उसने घरवालों से परेशान होकर जान देने की बात लिखी है। उसने आरोप लगाया कि उसका सहारा और जेवर छीन लिया गया और उसे घर में जगह नहीं दी जा रही है। नोट में उसने कुछ लोगों के नाम लिखकर अपनी मौत के लिए उन्हें जिम्मेदार बताया है। उसने यह भी लिखा कि उसके द्वारा किए गए काम के बारे में रिश्तेदार और गांव के लोग जानते हैं। साथ ही पत्नी और बच्चों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं बताया। ‘दो बच्चे हैं, पत्नी-बच्चों को कुछ न किया जाए’ उमर ने सुसाइड नोट में लिखा कि उसके दो बच्चे हैं और वह किडनी की परेशानी से जूझ रहा था। आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण वह अपना इलाज नहीं करा पा रहा था। उसने पत्नी और बच्चों को सम्मान देने, घर में उसका हिस्सा बंटवाने और मामले में फैसला कराने की मांग की है। उसने पत्नी और बच्चों को परेशान नहीं करने की अपील भी की। साथ ही लिखा कि उसके घरवाले आगे भी उन्हें परेशान न करें। नोट के अंत में ‘खुदा हाफिज’ लिखकर अपना नाम उमर अली डब्बू दर्ज किया है। पुलिस कर रही मामले की जांच पुलिस मामले की जांच कर रही है। सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों के साथ ही जेवर और मकान में हिस्से को लेकर चल रहे पारिवारिक विवाद की भी पड़ताल की जा रही है।
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जेवर-घर में हिस्सा नहीं मिला तो युवक ने खाया जहर:सुसाइड नोट में लिखा- ‘मेरा हिस्सा बंटवाया जाए’, घरवालों पर परेशान करने का आरोप