10 लाख के लोन का झांसा देकर 12 हजार ठगे:सोनभद्र में कोर्ट के आदेश पर दो भाइयों पर केस दर्ज, जांच जारी


सोनभद्र के करमा थाना क्षेत्र के जड़ेरुआ गांव निवासी जिउत को 10 लाख रुपए का लोन दिलाने का झांसा देकर बैनामा खर्च के नाम पर 12 हजार रुपए ठगे जाने का आरोप लगा है। मामले में करमा पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर रॉबर्ट्सगंज के सूर्यगंगा वाटिका निवासी दो सगे भाइयों हरिकेश चौबे और ऋषिकेश चौबे के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिउत ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह वाराणसी में ई-रिक्शा चलाता है। 6 जून 2025 की सुबह वह धर्मशाला चौक स्थित यूको बैंक शाखा के बाहर बैंक खुलने का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान हरिकेश चौबे वहां पहुंचा और उससे बैंक के बाहर खड़े होने का कारण पूछा। जिउत ने लोन के संबंध में जानकारी लेने की बात बताई तो हरिकेश ने खुद को श्रीराम फाइनेंस का एजेंट बताते हुए 10 लाख रुपए का ऋण दिलाने का भरोसा दिया। पत्नी के नाम जमीन का बैनामा कराने की कही बात
जिउत के मुताबिक, हरिकेश ने लोन दिलाने के लिए उसकी पत्नी के नाम जमीन का बैनामा कराने और खतौनी में उसका नाम दर्ज कराने की बात कही। उसकी बातों पर भरोसा करके जिउत गांव पहुंचा और 20 हजार रुपए कर्ज लिया। आरोप है कि इसके बाद हरिकेश ने बैनामा खर्च के नाम पर जिउत से 12 हजार रुपए ले लिए। जिउत का कहना है कि उसने लोन मिलने की उम्मीद में बताए गए खर्च के लिए रकम दे दी थी। बैनामा के समय शुल्क जमा करने से किया इन्कार
जिउत ने आरोप लगाया कि बैनामा के समय जब शुल्क जमा करने की बात आई तो हरिकेश ने रुपए जमा करने से इन्कार कर दिया। विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, इसके बाद हरिकेश अपने भाई ऋषिकेश के साथ उसके घर पहुंचा। दोनों पर गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई प्राथमिकी, जांच शुरू
मामले में जिउत ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश के बाद करमा पुलिस ने हरिकेश चौबे और ऋषिकेश चौबे के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। करमा थाना प्रभारी कमलेश पाल ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।

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