जालौन में विद्युत हादसे पर डीएम सख्त:हादसे के बाद एसडीओ हटे, जेई भी पद से हटाकर कार्यालय से संबद्ध किए गए


जालौन के जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए डीएम राजेश कुमार पाण्डेय की सख्ती का असर बिजली विभाग में देखने को मिला है। हदरुख विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र में दो लोगों के झुलसने की घटना को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए उपखंड अधिकारी (एसडीओ) को पद से हटा दिया है। वहीं संबंधित अवर अभियंता (जेई) के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटाकर अन्य कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। अधीक्षण अभियंता योगेंद्र सिंह ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। अधीक्षण अभियंता की रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम हरिसिंहपुर के मजरा माईनर के पास खेतों से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन के समीप हुई दुर्घटना की जांच कराई गई। जांच में प्रथम दृष्टया अधिकारियों की लापरवाही सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की गई। विद्युत वितरण उपखंड जालौन के उपखंड अधिकारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाते हुए उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। इसके अलावा 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र हदरुख के अवर अभियंता रमाकांत वर्मा को भी प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए पद से हटाया गया। उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ अन्य कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। पेड़ों में करंट आने से हुआ हादसा विभागीय जांच में सामने आया कि दुर्घटना सीधे 11 केवी लाइन के संपर्क में आने से नहीं, बल्कि लगातार बारिश के कारण पेड़ों में विद्युत प्रवाह आने की वजह से हुई थी। घटना के तुरंत बाद एहतियातन संबंधित खेत से गुजर रही 11 केवी लाइन का स्पैन हटाकर उस क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद करा दी गई, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। दोनों घायलों का इलाज जारी है। विभाग ने नियमानुसार उन्हें क्षतिपूर्ति दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि मामले की स्वतंत्र जांच विद्युत सुरक्षा निदेशालय द्वारा भी कराई जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डीएम बोले- जनसुरक्षा पर कोई समझौता नहीं जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विद्युत अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रत्येक अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

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