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लखनऊ के जानकीपुरम वार्ड-2 में विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार और बदहाल बुनियादी सुविधाओं से लोग परेशान हैं। सीवर और अन्य निर्माण कार्यों के नाम पर महीनों से सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है। वहीं नियमित सफाई और नालों की सफाई न होने से सड़कों पर सीवर का गंदा पानी बह रहा है। बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद नगर निगम और संबंधित विभाग कार्रवाई नहीं कर रहे, जिससे उन्हें गंदगी, जलभराव और संक्रामक बीमारियों के खतरे के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। दैनिक भास्कर एप ‘वार्ड परिक्रमा’ मुहिम चला रहा है। इसके तहत नगर निकाय के वार्डों की वास्तविक स्थिति जानने की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में हमारी टीम लखनऊ नगर निगम के वार्ड-86, जानकीपुरम द्वितीय वार्ड पहुंची। यहां के प्रमुख कॉलोनियों, मोहल्लों, इलाकों का हाल जाना। निवासियों से बात कर उनकी समस्या समझने की कोशिश की। पहले वार्ड की ग्राउंड रियलिटी की तस्वीरें- अब जानिए वार्ड की बड़ी समस्या खुले में पड़ा कूड़े का ढेर- सेक्टर जी स्थित छुईयापुरवा चौराहे के पास सड़क पर कूड़े का ढेर लगा है। इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। मामले में लोगों ने कई बार नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की है,लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दुर्गंध के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है। कार्यदाई संस्था एलएसए की गाड़ियों से यहां पर कूड़ा गिराया जाता है। इसमें गाय कूड़ा खाती हुई भी नजर आती हैं। इसी रास्ते से लोग सहारा स्टेट की तरफ आवाजाही करते हैं। पास में ही पुलिस चौकी भी मौजूद है। लोगों का कहना है कि नगर निगम की तरफ से सिर्फ स्वच्छता का दावा किया जाता है। सड़क पर गड्ढे, खाली प्लाटों में कूड़ा- जानकीपुरम वार्ड-2 के सेक्टर G और H में मूलभूत सुविधाओं की बदहाली से स्थानीय लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। क्षेत्र में कई जगह सीवर के ढक्कन टूटे पड़े हैं, सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। खाली प्लॉट कूड़ा फेंकने का अड्डा बन गए हैं। वहीं कई स्थानों पर दिन में भी स्ट्रीट लाइटें जलती रहती हैं, जबकि कई लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीवर का गंदा पानी लगातार नालियों में बहता रहता है, जिससे पूरे इलाके में बदबू फैली रहती है। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। स्थानीय लोगों ने कहना हैं, कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होती और झाड़ू लगाने के लिए भी कोई सफाई कर्मचारी नहीं आता। उनका कहना है कि पिछले छह महीनों से सफाईकर्मी क्षेत्र में नहीं आया है। इसके कारण सड़कों और गलियों में गंदगी जमा रहती है। नगर निगम की ओर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था भी नियमित नहीं है। मजबूरी में उन्हें निजी स्तर पर कूड़ा उठवाने की व्यवस्था करनी पड़ती है। सड़कें खोदने से बड़ी समस्या- जानकीपुरम गार्डन नहर रोड पर सीवर लाइन बिछाने के लिए जलकल विभाग की ओर से नियुक्त एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र की सड़कें बदहाल कर दी हैं। आरोप है कि एक हिस्से का काम पूरा किए बिना ही दूसरे हिस्से की सड़क खोद दी जाती है। इससे बारिश के दौरान सड़कें कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सड़कें खोदे जाने से उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि उन्हें हर महीने दुकान का किराया देना पड़ता है और परिवार का खर्च भी चलाना होता है, लेकिन खराब सड़कों के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। माल की सप्लाई भी बाधित हो गई है। लोग बोले- कुछ दिन पहले बिजली के तारों में आग लग गई जानकीपुरम निवासी जया पांडे, बूथ अध्यक्ष एवं सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर, उत्तर मंडल-5 ने बताया कि जानकीपुरम वार्ड में नालियों की गंभीर समस्या है। बारिश का पानी नालियों में ओवरफ्लो हो जाता है और उसके निकास की व्यवस्था नहीं है। कुछ लोगों ने अपने घरों का पानी सीवर लाइन से जोड़ दिया है, जिससे सीवर अक्सर ओवरफ्लो रहते हैं। इसके कारण जलभराव होता है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की सड़कों को बार-बार खोदा जाता है। कहीं तार डाले जा रहे हैं तो कहीं अन्य कार्य किए जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों में नाराजगी है और आवागमन भी बाधित होता है। उन्होंने प्रशासन से इन समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की।
कूड़ा उठाने के लिए निजी व्यवस्था करनी पड़ती है जानकीपुरम निवासी सरिता श्रीवास्तव ने बताया कि उनके क्षेत्र में सीवर की गंभीर समस्या है। सीवर ओवरफ्लो हैं और सीवर का पानी नालियों में बहता रहता है। इससे इलाके में तेज बदबू फैली रहती है। पार्क में बेंच टूटी हुईं हैं, घास काफी बढ़ गई है और पेड़ों की छंटाई भी लंबे समय से नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से नियमित सफाई नहीं होती। नालियों की सफाई करने या झाड़ू लगाने के लिए कोई कर्मचारी नहीं आता। गाय सड़ा-गला कचरा खाती हैं जानकीपुरम निवासी आशीष कुमार मिश्रा ने बताया कि वह सहारा स्टेट में रहते हैं और दिन में कई बार इस सड़क से गुजरते हैं। उनका कहना है कि यहा की गंदगी खत्म होती नजर नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह लापरवाही का शिकार है और लोगों की सेहत की भी कोई चिंता नहीं की जा रही। गड्ढे में गिरकर लोग घायल हो जाते हैं जानकीपुरम निवासी सर्वेश सिंह चौहान ने बताया कि निजी कंपनियां सड़क किनारे गड्ढे खोदकर भूमिगत वायर डाल रही हैं, लेकिन काम समय पर पूरा नहीं करतीं। गड्ढे खोदने के बाद कई-कई दिनों तक उन्हें खुला छोड़ दिया जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि बरसात में गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे हादसों का खतरा है। कई लोग घायल हो चुके हैं और स्कूल वैन भी घंटों जाम में फंसी रहती हैं। रोड़ खुदी होने के कारण आवागमन प्रभावित जानकीपुरम निवासी सुशील कुमार, मंडल उपाध्यक्ष, उत्तर मंडल-5 ने बताया कि सेंट मैरी स्कूल से शुक्ला चौराहे तक सीवर लाइन डालने का कार्य चल रहा है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित है। उन्होंने कहा कि इस वजह से अंदर की कॉलोनियों की सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ गया है और नई सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को कई बार उठाया जा चुका है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इससे व्यापारी व स्थानीय निवासी दोनों परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की। सुशील कुमार ने क्षेत्र में सफाई व्यवस्था में सुधार की भी मांग की। साल के बारहों महीने कहीं न कहीं सड़कें खुदी रहती हैं जानकीपुरम निवासी हृदय कुमार ने बताया कि हमारे क्षेत्र में कौन-सी समस्या नहीं है, यहां पूरी तरह अव्यवस्थित व्यवस्था है। विकास कार्यों में कोई समन्वय नहीं है। यदि सभासद सड़क बनवाते हैं तो कुछ ही समय बाद मुख्यमंत्री बिजली योजना के तहत वही सड़क फिर खोद दी जाती है। उसके बाद किसी तरह सड़क ठीक होती है तो नाली निर्माण शुरू हो जाता है। स्थिति यह है कि साल के बारहों महीने कहीं न कहीं सड़कें खुदी रहती हैं। बारिश के दौरान लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ‘वोट मांगने जाने में डर लग रहा है कहीं पब्लिक दौड़ा ना ले’ हृदय कुमार ने कहा कि हम स्वयं भाजपा के कार्यकर्ता हैं, लेकिन अब लोगों के बीच जाने में शर्म महसूस होती है। लोग हमसे कहते हैं कि आप भाजपा से जुड़े हैं, तो क्षेत्र की समस्याएं क्यों नहीं सुलझवा पा रहे हैं। एक सड़क बनती है तो उसके तुरंत बाद किसी दूसरे विभाग द्वारा उसे फिर खोद दिया जाता है। इससे जनता परेशान है और विकास कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे वार्ड की यही स्थिति है। चाहे विधानसभा चुनाव हो, नगर निकाय चुनाव हो या लोकसभा चुनाव, लोगों से वोट मांगना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अबकी बार वोट मांगने जाने में डर लग रहा है, कही पब्लिक दौड़ा ना ले। उनका कहना हैं कि सड़क, पानी और नाली जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान होना चाहिए। हम कबतक राममंदिर और ईरानी युद्ध से जोड़ते रहेंगे । उन्होंने कहा कि जब बाहर जाकर बताते हैं कि वे उत्तर प्रदेश से हैं तो लोग योगी सरकार की तारीफ करते हैं, लेकिन उनके क्षेत्र की वास्तविक स्थिति अलग है। जिलाधिकारी का आदेश था कि सितंबर तक खुदाई नहीं होगी जन उद्घोष व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री विनोद सिंह ने बताया कि यहा मुख्य समस्या जानकीपुरम में जलकल विभाग द्वारा सीवर लाइन के कार्य के लिए नियुक्त एजेंसी ने पूरे क्षेत्र की सड़कें खोद दी हैं। इससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। रास्तों पर इतना कीचड़ है कि लोग आए दिन फिसलकर गिर जाते हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में गहरी सीवर लाइन का कार्य चल रहा है। जबकि जिलाधिकारी का आदेश था कि सितंबर तक खुदाई नहीं होगी। इसके बावजूद यहा नई खुदाई कर दी गई है। जलकल विभाग के संबंधित ठेकेदार से बातचीत में उसने आश्वासन दिया था कि वह पीछे से सड़क बनाते हुए आगे बढ़ेगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। ‘माल की सप्लाई नहीं हो पा रही है’ जन उद्घोष व्यापार मंडल के पदाधिकारी दिवाकर पाण्डेय ने कहा कि हमारे इलाके की नहर रोड पर कुछ समय पहले भूमि पूजन बाद काम शुरू किया गया। हम विकास के विरोध में नहीं हैं। विकास बिल्कुल होना चाहिए, लेकिन विकास के साथ-साथ समुचित व्यवस्था भी होनी चाहिए, ताकि आसपास के इलाकों के लोगों को कोई परेशानी न हो और वहा का व्यापार प्रभावित न हो। हम दुकानदारों को अपनी दुकानों का किराया भी देना पड़ता है, अपने-अपने घर-परिवार का खर्च भी चलाना पड़ता है और हमारा भी एक तय बजट होता है। आसपास की कई दुकानों को बंद करना पड़ा इसके साथ ही इतनी धूल उड़ रही है कि अस्थमा के मरीजों और बुजुर्गों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कहा गया था कि खुदाई से निकलने वाली मिट्टी को डंपिंग स्थल पर भेजा जाएगा, ताकि वह आसपास की दुकानों के सामने न जमा हो। लेकिन इसी रोड पर स्थित शुक्ला चौराहे पर खुदाई की गई मिट्टी दुकानों के सामने तीन-तीन से चार-चार मीटर ऊंचे ढेर के रूप में जमा कर दी गई, जिससे आसपास की कई दुकानों को बंद करना पड़ा। विकास बिल्कुल होना चाहिए, लेकिन वह व्यवस्थित तरीके से हो, ताकि तय समय सीमा के भीतर बिना लोगों को परेशानी दिए कार्य पूरा किया जा सके। जानकीपुरम गार्डन अनऑथराइज्ड कॉलोनी जानकीपुरम द्वितीय के निवासी एवं लखनऊ भाजपा महानगर उत्तर मंडल-5 के मंडल अध्यक्ष संजय तिवारी ने कहा कि जानकीपुरम द्वितीय हमेशा से भारतीय जनता पार्टी का गढ़ रहा है। लगातार भाजपा के पार्षद रहे हैं और जब से उत्तरी विधानसभा बनी है, तब से लगातार हमारे विधायक भी भारतीय जनता पार्टी के बने हैं। यहा समस्या इसलिए बढ़ी कि जानकीपुरम द्वितीय की भौगोलिक स्थिति ऐसी बनी कि वह एक अनऑथराइज्ड कॉलोनी थी, जिसे एलडीए (LDA) ने एक्वायर नहीं किया था। स्ट्रीट लाइट न जलने पर तुरंत ठीक करना चाहिए यहा के विधायक ने भी लगातार जानकीपुरम गार्डन को बहुत ही आगे बढ़ाने का कार्य किया। वहा पर जितनी भी मूल समस्याए थीं, मूलभूत समस्याए थीं, उनको पूर्ण करने का काम हमारे क्षेत्रीय विधायक और हमारे सांसद ने लगातार किया है। कूड़े का निस्तारण नगर निगम का काम है, जिसे हमारे पार्षद करते रहते हैं। कुछ समस्याए आती हैं जैसे बिजली और स्ट्रीट लाइट न जलने की और उसको तुरंत ठीक करना चाहिए। यह हमारे पार्षद का काम है और उस पर उनको काम करना चाहिए। कुछ समस्याए आती हैं। कुछ कार्यकर्ता हमसे भी मिलते हैं कि अध्यक्ष जी, इस काम को जल्दी से जल्दी होना चाहिए। हम अपने पार्षद से और नगर निगम की टीम से निवेदन भी करते हैं। उसका निराकरण दो-तीन दिन के बाद हो जाता है। हमारी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए हम बहुत जल्दी, त्वरित गति से, सब काम चाहते हैं। निश्चित रूप से लोगों की हमसे आशा और उम्मीद भी है कि हमने पार्षद भी चुना है, विधायक भी चुना है, मेयर भी चुना है और सांसद भी चुना है। तो उम्मीद भी लोगों की बढ़ जाती है। लेकिन विकास अगर किसी ने किया है, तो 2017 के बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकार, योगी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने, हमारे सांसद, विधायक और जितने भी पार्षद हुए हैं, वे लगातार परिश्रम करते हैं। कुछ कमिया रह जाती हैं। हर काम त्वरित गति से नहीं हो सकता है, लेकिन हमारी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए और उस जवाबदेही को पूर्ण करने का काम निश्चित रूप से भारतीय जनता पार्टी का हर कार्यकर्ता करने की कोशिश करता है।
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जानकीपुरम-II वार्ड में खुले में पड़ा कूड़ा:सड़क पर गड्ढे से लोग घायल हो रहे, भाजपाई बोले- वोट मांगने में डर लग रहा