जल निगम पर लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप:बागपत में भाकियू अराजक ने खोला मोर्चा, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग


बागपत में जल निगम के पाइपलाइन कार्यों में कथित अनियमितताओं, घटिया निर्माण और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन अराजक ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के जिला संगठन मंत्री दिलशाद खान ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को न तो बेहतर सड़कें मिलीं और न ही सुचारु पेयजल व्यवस्था। उल्टा जगह-जगह टूटी सड़कें और पानी का संकट जनता की परेशानी बढ़ा रहे हैं। पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की बदहाल तस्वीर ज्ञापन में कहा गया है कि नगर बागपत में पेयजल पाइपलाइन डालने के लिए कई प्रमुख सड़कों और मार्गों की खुदाई की गई थी। कार्य पूरा होने के बाद सड़कों को तकनीकी मानकों के अनुरूप दुरुस्त नहीं किया गया। आरोप है कि कई स्थानों पर केवल मिट्टी डालकर खानापूर्ति कर दी गई, जिससे सड़कें उखड़ गईं और जगह-जगह गड्ढे बन गए। धंसती सड़कें बनीं हादसों का कारण भाकियू अराजक का कहना है कि अधूरे और मानकविहीन कार्यों के कारण सड़कें लगातार धंस रही हैं। राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। पहले भी दी गई थी शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई संगठन ने आरोप लगाया कि इस गंभीर मुद्दे को लेकर 27 मई को भी प्रशासन को प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में प्रशासन और संबंधित विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। तकनीकी अभिलेख देने से बच रहे अधिकारी ज्ञापन में कहा गया है कि संगठन ने कार्य की गुणवत्ता और खर्च की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों से तकनीकी विवरण और अभिलेख मांगे थे। आरोप है कि अधिकारियों द्वारा लगातार टालमटोल की जा रही है। इससे कार्य में संभावित वित्तीय और तकनीकी अनियमितताओं को लेकर संदेह गहरा गया है। पांडव रोड क्षेत्र में गहराया पेयजल संकट भाकियू अराजक ने आरोप लगाया कि पांडव रोड स्थित सुभाष गेट क्षेत्र में जल निगम द्वारा कराए गए बोरिंग और पाइपलाइन कार्यों में बरती गई लापरवाही का खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। पुराना कस्बा क्षेत्र कई दिनों से पेयजल संकट से जूझ रहा है और लोगों को पानी के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग संगठन ने प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों का मानक के अनुरूप पुनर्निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही पेयजल संकट का तत्काल समाधान कर आम जनता को राहत दिलाने की अपील की गई है। भाकियू अराजक का कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन किसानों और स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगा।

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