जयशंकर बोले- आतंकवाद पर भारत की चिंता नहीं समझता अमेरिका:इसका रिश्तों पर असर पड़ता है; पाकिस्तान से नजदीकी बढ़ा रहा है वॉशिंगटन


भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा है कि आतंकवाद को लेकर भारत की चिंता को अमेरिका ठीक से नहीं समझता। इसका असर रिश्तों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत दशकों से पाकिस्तान की ओर से होने वाले आतंकवाद का सामना कर रहा है। जयशंकर ने यह बयान सोमवार को न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के एक कार्यक्रम में दिया। इसमें भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों और विदेश नीति के जानकारों ने हिस्सा लिया। जयशंकर ने यह बयान ऐसे समय दिया है, जब पिछले एक साल में अमेरिका और पाकिस्तान के बीच नजदीकी बढ़ी है। वहीं, व्यापार, टैरिफ और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर भारत-अमेरिका के बीच मतभेद भी रहे हैं। जयशंकर बोले- अमेरिका से कई देशों संबंध मुश्किल हुए अमेरिका के पूर्व राजनयिक डेनियल रसेल ने जयशंकर से पूछा कि व्यापार और टैरिफ को लेकर पिछले एक साल में भारत-अमेरिका के रिश्तों में आई खटास को कैसे दूर किया जा सकता है। इस पर जयशंकर ने कहा कि दुनिया के कई देशों के लिए अमेरिका के साथ रिश्ते पहले के मुकाबले मुश्किल हुए हैं। उन्होंने कहा, “दुनिया के कई देशों के लिए अमेरिका के साथ संबंध पहले से ज्यादा कठिन हुए हैं। यह शायद हमारे लिए राहत की बात न हो, लेकिन यही हकीकत है।” ट्रम्प सरकार में नजदीक आए अमेरिका और पाकिस्तान ट्रम्प प्रशासन के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में नजदीकी बढ़ी है। जून 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से व्हाइट हाउस में मुलाकात की थी। इसके बाद सितंबर 2025 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और मुनीर ने फिर ट्रम्प से मुलाकात की। इन बैठकों को दोनों देशों के बीच बढ़ते संपर्कों के तौर पर देखा गया। जयशंकर बोले- भारत-चीन के रिश्ते सुधरे जयशंकर ने कहा है कि भारत और चीन के रिश्ते पिछले दो साल के मुकाबले बेहतर हुए हैं। उन्होंने बताया कि 2020 में सीमा पर विवाद के बाद दोनों देशों के बीच लंबे समय तक तनाव बना रहा। अब सीमा पर हालात सुधरने के साथ रिश्ते भी सामान्य हो रहे हैं। जयशंकर ने कहा, “सीमा पर जैसे हालात होंगे, दोनों देशों के रिश्ते भी वैसे ही रहेंगे।” उन्होंने कहा कि रिश्तों में सुधार का मतलब यह नहीं है कि दोनों देशों के बीच सभी समस्याएं खत्म हो गई हैं।लजयशंकर ने कहा कि सीमा पर तनाव के कारण भारत और चीन के बीच आधिकारिक बातचीत, वीजा और सीधी उड़ानों पर असर पड़ा था। भारत लगातार चीन से कहता रहा कि सीमा पर विवाद जारी रहने से दोनों देशों को कोई फायदा नहीं है। जयशंकर ने कहा कि दुनिया में अब कई देश ताकतवर हो रहे हैं और वैश्विक फैसलों में उनकी भूमिका बढ़ रही है।

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