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चंदौली के बलुआ थाना क्षेत्र के मथेला गांव स्थित बड़ी गंगा नहर में डूबने से दो सगे भाई-बहन की मौत के बाद परिजनों ने सिंचाई विभाग और नहर निर्माण से जुड़े ठेकेदार पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि नहर को मानक से अधिक गहरा खोदा गया था। इसी वजह से दोनों बच्चों को बचाना मुश्किल हुआ। मृतक बच्चों के दादा दुलारे यादव ने आरोप लगाया कि नहर में पानी की गहराई का मानक करीब छह फीट है, जबकि पुलिया निर्माण के दौरान घटनास्थल पर पानी 12 फीट से अधिक गहरा था। उनका दावा है कि ठेकेदार ने नहर को जरूरत से ज्यादा गहरा खोद दिया था। यदि पानी की गहराई कम होती तो बच्चों को बचाया जा सकता था। बहन को बचाने पानी में उतरा था भाई घटना 24 अगस्त की है। मथेला गांव निवासी गोविंद मौर्य के 10 वर्षीय बेटे क्षितिज और चार वर्षीय बेटी साक्षी की नहर में डूबने से मौत हो गई थी। बताया गया कि सोमवार को साक्षी अचानक नहर के पानी में गिर गई। बहन को बचाने के लिए बड़ा भाई क्षितिज भी पानी में उतर गया। नहर में तेज बहाव होने के कारण दोनों पानी में बह गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। कुछ लोग नहर में भी उतरे, लेकिन तेज बहाव के चलते बच्चों तक नहीं पहुंच सके। काफी देर तक तलाश के बाद दोनों बच्चों के शव पास के एक पुल के समीप से बरामद किए गए। सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल बेलवानी निवासी मारकंडेय प्रसाद मौर्य ने हादसे के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार बताया। उनका कहना है कि नहर के दोनों किनारों पर गहरे गड्ढे और कटान हैं। इससे पहले भी यहां हादसे हो चुके हैं। उन्होंने नहर की गहराई और तेज बहाव को देखते हुए सुरक्षा बैरियर और घेराबंदी कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। परिजनों और ग्रामीणों के आरोपों के बाद अब नहर की गहराई, निर्माण कार्य और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, ठेकेदार या सिंचाई विभाग की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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चंदौली नहर में डूबकर भाई-बहन की मौत:परिजनों ने ठेकेदार पर लगाया लापरवाही का आरोप, ठेकेदार ने मानक से अधिक खोदी नहर