![]()
भदोही जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने नगर क्षेत्र में खुले स्थानों पर कूड़ा डंप न करने और निर्धारित डंपिंग सेंटर का उपयोग करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, नगर पंचायत घोसिया में इन निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। नगर के विभिन्न वार्डों में खुलेआम कूड़ा डंप किया जा रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड नंबर 6 के मुख्य मार्ग पर लंबे समय से कूड़ा डंप होने से स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर पंचायत प्रशासन और संबंधित अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बरसात के मौसम में कूड़े से उठने वाली दुर्गंध, गंदा पानी और मच्छरों के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। सड़क पर फैले कूड़े से राहगीरों, स्कूली बच्चों और आसपास के लोगों को प्रतिदिन परेशानी होती है। यह स्थिति और भी गंभीर इसलिए है क्योंकि जिस स्थान पर कूड़ा डंप किया जा रहा है, उसके सामने मस्जिद, मदरसा और मौलाना अब्दुल फाजिल मन्नान शाह की मजार स्थित है। श्रद्धालुओं और नमाजियों को गंदगी और दुर्गंध के बीच से गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं। यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ने वाला एक प्रमुख संपर्क मार्ग है। उगापुर, चिंतामणपुर, त्रिलोकपुर, भवानीपुर और शिउर सहित कई गांवों के लोग प्रतिदिन इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण मार्ग पर कूड़े का ढेर नगर पंचायत की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय निवासी उल्फत बेगम ने बताया कि शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। कुद्दूस अहमद ने सवाल उठाया कि जब करोड़ों रुपये की लागत से वार्ड नंबर 3 में आधुनिक कूड़ा डंपिंग सेंटर (एमआरएफ सेंटर) बनाया गया है, तो फिर मुख्य सड़क और धार्मिक स्थल के सामने कूड़ा फेंकने का क्या औचित्य है। सलमान अली ने कहा कि सफाई व्यवस्था सुधारने के बजाय सड़क को ही कूड़ाघर बना दिया गया है। वहीं, सद्दाम ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्रवासी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इधर वार्ड नंबर 12 की स्थिति भी बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार वहां लगभग 10 फीट ऊंचा कूड़े का अंबार लगा हुआ है, जिससे आसपास के क्षेत्र में लगातार दुर्गंध फैल रही है। बरसात में यह कूड़ा सड़कर बीमारी फैलने का कारण बन रहा है और लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नगर पंचायत घोसिया द्वारा निर्धारित डंपिंग सेंटर का उपयोग करने के बजाय नगर के अलग-अलग स्थानों पर कूड़ा डंप किया जा रहा है, जो शासन और जिला प्रशासन के निर्देशों की खुली अवहेलना है। लोगों का कहना है कि यदि जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेशों के बाद भी नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी और अध्यक्ष गंभीर नहीं हैं, तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी शैलेश कुमार से पूरे मामले की जांच कराते हुए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा नगर पंचायत में वैज्ञानिक और व्यवस्थित कूड़ा निस्तारण व्यवस्था लागू कराने की मांग की है, ताकि नगरवासियों को गंदगी, दुर्गंध और बीमारियों से राहत मिल सके।
Source link