मिर्जापुर में गंगा का जलस्तर 1 सेमी-प्रति घंटे घट रहा:फिर भी 2 गांवों की बस्तियों में घुसा पानी; 500 बीघा फसल बर्बाद


मिर्जापुर में गंगा नदी का जलस्तर शुक्रवार सुबह राहत देने लगा। ओझला पुल स्थित केंद्रीय जल आयोग के गेज स्थल पर सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 75.990 मीटर दर्ज किया गया। पिछले दो घंटे में जलस्तर 2 सेंटीमीटर घटा है और अब पानी करीब 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कम हो रहा है। जलस्तर घटने से ग्रामीणों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है, लेकिन निचले इलाकों में बाढ़ का पानी अभी परेशानी बना हुआ है। हरसिंहपुर और मल्लेपुर गांव की बस्तियों में गंगा का पानी घुस गया है। ग्रामीणों को घरों में पानी पहुंचने की आशंका सता रही है। जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी होने पर स्थिति बिगड़ने का खतरा बना हुआ है। उधर, गंगा के बढ़े जलस्तर ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। मवैया, मझरा, दुल्लह पट्टी, मुजेहरा कला और मुजेहरा खुर्द गांवों में करीब 500 बीघा फसल बर्बाद हो गई है। सबसे ज्यादा नुकसान सब्जी, मक्का और बाजरा की फसल को हुआ है। चेतावनी बिंदु से 73.4 सेमी नीचे है गंगा का पानी ओझला पुल पर केंद्रीय जल आयोग के गेज स्थल के मुताबिक गंगा का जलस्तर 75.990 मीटर है। यहां चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर और खतरे का निशान 77.724 मीटर निर्धारित है। फिलहाल गंगा का पानी चेतावनी बिंदु से करीब 73.4 सेंटीमीटर नीचे है। पिछले दो घंटे में जलस्तर में कुल 2 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई है। पानी घटने की दर करीब 1 सेंटीमीटर प्रति घंटा बनी हुई है। हालांकि, निचले इलाकों में जमा पानी अभी गांवों और खेतों के लिए खतरा बना हुआ है। हरसिंहपुर-मल्लेपुर की बस्तियों में पहुंचा पानी जलस्तर कम होने के बावजूद हरसिंहपुर और मल्लेपुर गांव की बस्तियों में गंगा का पानी घुस गया है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ी हुई है। लोगों को आशंका है कि अगर नदी का जलस्तर फिर बढ़ा तो पानी घरों तक पहुंच सकता है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को भी नदी और बाढ़ के पानी से दूर रहने तथा जरूरी होने पर ही निचले इलाकों में जाने की सलाह दी जा रही है। 500 बीघा फसल बर्बाद, सब्जी-मक्का-बाजरा को सबसे ज्यादा नुकसान गंगा के बढ़े जलस्तर का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। मवैया, मझरा, दुल्लह पट्टी, मुजेहरा कला और मुजेहरा खुर्द गांवों में करीब 500 बीघा फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है। किसानों के खेतों में सब्जी, मक्का और बाजरा की फसल खड़ी थी। बाढ़ का पानी भरने से इन फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि लंबे समय की मेहनत और लागत के बाद तैयार फसल पानी में डूबने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। डीएम ने बाढ़ चौकियां सक्रिय रखने के दिए निर्देश जिलाधिकारी ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखने और प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की टीमें जलस्तर और निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वहीं, नगर विधायक पंडित रत्नाकर मिश्र ने भी बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है। प्रशासन की निगरानी के बीच फिलहाल गंगा का जलस्तर घट रहा है, जिससे ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है। हालांकि, बाढ़ का पानी पूरी तरह निकलने तक निचले इलाकों में खतरा बना रहेगा।

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