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राप्ती नदी के किनारे गुरु गोरक्षनाथ घाट पर हुई दुर्घटना के कारणों की जांच होगी। डीएम दीपक मीणा ने इसके लिए 3 सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। कमेटी में एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार, एसपी सिटी निमीष पाटिल, बीआरडी मेडिकल कालेज के नेहरू चिकित्सालय के मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. बीएन शुक्ला शामिल हैं। कमेटी हर बिन्दु पर जांच करेगी। बताया जा रहा है कि बिजली गिरने से गोरक्षनाथ घाट पर स्थित चबूतरे का छज्जा गिरा था। इसमें अधिवक्ता आलोक अस्थाना और संजय सिंह की मौत हो गई। इस मामले में अधिवक्ताओं की ओर से कई आरोप लगाए गए हैं। व्यवस्था की लापरवाही को लेकर अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन भी किया था। उन्होंने एंबुलेंस सेवा में देरी और अस्पताल में समय से इलाज न मिलने का आरोप लगाया है। इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राजेश झा पर FIR दर्ज की गई है। हर बिन्दु पर होगी जांच जांच टीम सोमवार से अपना काम शुरू कर देगी। यह टीम गुरु गोरखनाथ घाट पर छज्जा गिरने के मामले से लेकर इलाज में लापरवाही तक की जांच करेगी। छज्जा गिरने के पीछे अभी वज्रपात को कारण बताया जा रहा है लेकिन तार्किक रूप से कई लोगों को इसपर विश्वास नहीं हो रहा। हालांकि प्रशासन इस कारण को लेकर लगभग संतुष्ट है। अब दूसरे मामलों की जांच होगी। कमेटी यह पता लगाएगी कि आखिर सूचना के बाद भी समय से 108 एंबुलेंस मौके पर क्यों नहीं पहुंची। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में समय से एवं समुचित इलाज क्यों नहीं मिला। इसमें किसकी लापरवाही है। जिला अस्पताल से बीआरडी मेडिकल कालेज ले जाने के लिए एंबुलेंस क्यों नहीं उपलब्ध हो सकी। इन मामलों की जांच कमेटी करेगी। सूत्रों की मानें तो इलाज में लापरवाही और एंबुलेंस पहुंचने में देरी के मामले की एक जांच शासन स्तर से भी शुरू कराई जा रही है।
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घाट पर हुई दुर्घटना के कारणों की होगी जांच:डीएम ने 3 सदस्यीय कमेटी गठित की; 7 दिन में रिपोर्ट देनी होगी