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गोंडा जिले में गोंडा-लखनऊ हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन करना लोगों को भारी पड़ गया है। बीते मंगलवार को करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के बोटन पुरवा सकरौर ग्रामीण निवासी राहुल कश्यप की मौत के बाद ब्रह्मचारी स्थान के पास यह प्रदर्शन किया गया था। इस मामले में 11 नामजद और 50 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। हेड कांस्टेबल सर्वेश प्रसाद ने करनैलगंज कोतवाली में तहरीर दी है। इसमें रोड जाम कर विरोध प्रदर्शन करने और लोक मार्ग में बाधा डालने के आरोप में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। नामजद आरोपियों में अरविंद,शहाबुद्दीन, नानबाबू,पवन मिश्रा,मनोज मिश्रा,फूलचंद, सोनू, बरसाती, विष्णु, मुन्ना सिंह उर्फ प्रमोद सिंह और अनिल शामिल हैं।
मुकदमे के अनुसार, मृतक राहुल कश्यप के परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव ले जा रहे थे। ब्रह्मचारी स्थान पर पहुंचने पर इन 11 नामजद आरोपियों ने शव को गोंडा-लखनऊ हाईवे पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों का आवागमन ठप हो गया और कई एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं। करनैलगंज कोतवाली के सब इंस्पेक्टर अभिनव भारत सिंह मामले की जांच कर रहे हैं। करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि इन लोगों ने शव रखकर लोकमार्ग में बाधा डाली है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर 50 अज्ञात आरोपियों की पहचान कर रही है और सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को भी रोड जाम करने की इजाजत नहीं है। पुलिस के अनुसार, राहुल कश्यप ने खुद ट्रेन के आगे कूदकर जान दी थी। लोको पायलट ने चेतावनी भी दी थी, लेकिन इसके बावजूद लोगों ने गलत तरीके से शव रखकर प्रदर्शन किया है। कर्नलगंज कोतवाल ने आगे कहा कि मेरे समझाने के बाद किसी तरीके से परिवार के लोग मान गए। लेकिन यह लोग फिर भी शव उठाने को तैयार नहीं थे इन लोगों ने जानबूझकर मार्ग बाधित करने का काम किया है।
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गोंडा-लखनऊ हाईवे जमकर प्रदर्शन करने पर 61 पर FIR:पुलिस ने दर्ज कराया मुकदमा, जाम लगने और लोकमार्ग बाधित करने का आरोप