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गाजीपुर में गंगा नदी में पशुओं से लदी दो नावों को पकड़ा गया है। मंगलवार देर रात गहमर के रामपुर घाट के पास एक नाविक की नजर इन नावों पर पड़ी। नाविक ने अपनी नाव से दोनों का पीछा शुरू किया। करीब 50 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद मुबारकपुर घाट के पास गंगा के बीच तीनों नावों में टक्कर हो गई। हादसे में पीछा कर रहा नाविक घायल हो गया। टक्कर के बाद पशुओं से लदी दोनों नावें कुछ देर तक गंगा में अनियंत्रित होकर घूमती रहीं। इसी दौरान नावों पर सवार लोग गंगा में कूद गए और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने दोनों नावों को कब्जे में लेकर करीब 60 पशुओं को बरामद किया है। सभी पशुओं को गौ आश्रय भेज दिया गया है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। रात 11 बजे रामपुर घाट के पास दिखीं नावें, 50 किमी तक पीछा जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात करीब 11 बजे गहमर थाना क्षेत्र के रामपुर घाट के पास एक नाविक ने गंगा में दो नावों को जाते देखा। दोनों नावों पर बड़ी संख्या में पशु लदे हुए थे। संदेह होने पर नाविक ने अपनी नाव से उनका पीछा शुरू कर दिया। नाविक करीब 50 किलोमीटर तक दोनों नावों के पीछे चलता रहा। रात करीब 1 बजे मुबारकपुर घाट के पास गंगा के बीचों-बीच तीनों नावों की टक्कर हो गई। टक्कर में पीछा कर रहा नाविक घायल हो गया। हादसे के बाद पशुओं से लदी दोनों नावें गंगा में कुछ देर तक अनियंत्रित अवस्था में घूमती रहीं। इसी दौरान दोनों नावों पर सवार लोग अंधेरे का फायदा उठाकर गंगा में कूद गए और मौके से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों नावों पर कुल कितने लोग सवार थे। फरार लोगों की संख्या और उनकी पहचान की जानकारी पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी। घायल नाविक ने इलाज कराया, फिर नावें शेरपुर घाट तक पहुंचाईं टक्कर में घायल नाविक पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा और वहां प्राथमिक उपचार कराया। उपचार के बाद वह वापस घाट पर आया। इसके बाद उसने दोनों पशु लदी नावों को अपने साथियों की मदद से शेरपुर की ओर ले जाना शुरू किया। रात करीब 2 बजे दोनों नावों को भांवरकोल थाना क्षेत्र के शेरपुर घाट के किनारे लगाया गया। इसके बाद नाविक और उसके साथियों ने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो दोनों नावों पर सवार लोग फरार हो चुके थे। पुलिस ने दोनों नावों को अपने कब्जे में लेकर उन पर लदे पशुओं को बाहर निकलवाया। एसपी ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि करीब 60 पशु बरामद किए गए हैं। सभी पशुओं को सुरक्षित तरीके से गौ आश्रय भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पशुओं को कहां से लाया गया था और उन्हें कहां ले जाया जा रहा था। अज्ञात के खिलाफ केस, नावों के मालिकों की भी होगी जांच एसपी ग्रामीण के अनुसार, पशुओं को ले जाने वाले लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस दोनों नावों के स्वामित्व की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही पशुओं के स्रोत, उनके गंतव्य और नावों पर सवार लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों नावें कहां से चली थीं और रास्ते में किन-किन घाटों से होकर गुजरीं। नावों पर कितने लोग थे, जांच के बाद होगी पुष्टि इस मामले में अभी कई महत्वपूर्ण बिंदु स्पष्ट होना बाकी हैं। नावों पर सवार लोगों की सही संख्या, उनकी पहचान, नावों के मालिक और पशुओं को ले जाने के उद्देश्य की जानकारी पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल पुलिस ने बरामद पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है और फरार लोगों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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गाजीपुर में पशुओं से लदी दो नावें पकड़ीं:50 किमी पीछा करने के बाद नावों में टक्कर, नाविक घायल; अंधेरे में गंगा में कूदकर फरार हुए तस्कर