गाजीपुर जेल में बंदियों को सिखाया जाएगा संगीत:शुक्रवार-शनिवार को लगेंगी कक्षाएं, प्रतिभा को मिलेगा मंच


गाजीपुर जिला कारागार में अब बंदी संगीत सीख सकेंगे। जेल प्रशासन ने बंदियों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को नई दिशा देने के लिए संगीत और वाद्य शिक्षा कार्यक्रम शुरू किया है। बुधवार शाम 5 बजे जेल अधीक्षक जगदंबा प्रसाद दुबे के प्रयासों से इसकी शुरुआत हुई। इस कार्यक्रम में इच्छुक बंदियों को गायन और वादन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें हारमोनियम, ढोलक और मजीरा जैसे वाद्य यंत्रों के साथ संगीत के सुर, स्वर संयोजन और गायन की बारीकियां भी सिखाई जाएंगी। गंधर्व म्यूजिक एकेडमी के डायरेक्टर विद्यानिवास पांडेय ने बंदियों को संगीत के स्वरों और वाद्य यंत्रों के इस्तेमाल की जानकारी दी। रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना जेल प्रशासन के मुताबिक, संगीत की कक्षाएं हर शुक्रवार और शनिवार को नियमित रूप से चलेंगी। इसमें इच्छुक बंदी अपनी पसंद के अनुसार हिस्सा ले सकेंगे। इस पहल का मकसद बंदियों को खाली समय में सकारात्मक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना, उनकी प्रतिभा को सामने लाना और सुधार की तरफ बढ़ने का मौका देना है। कारागार स्टाफ मौजूद रहा कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप जलाकर हुई। इस दौरान जेलर शेषनाथ यादव, उपकारापाल राजेश कुमार, शिक्षाध्यापक धर्मेंद्र श्रीवास्तव, अभय मौर्य के साथ म्यूजिक एकेडमी के नारायण गुप्ता, अंकित राजभर, दीपक कुमार और कारागार स्टाफ मौजूद रहा।

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