गविष्टि यात्रा लेकर हाथरस पहुंचे शंकराचार्य:श्रद्धालुओं को बांटे केले, गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग


ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी ‘गविष्टि यात्रा’ के तहत बुधवार रात करीब 9 बजे सिकंदराराऊ पहुंचे। उनकी 81 दिवसीय राष्ट्रव्यापी यात्रा का उद्देश्य गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाना और देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को जन-जन तक पहुंचाना है। नगर स्थित ममता फार्म हाउस में समर्थकों और श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। मौन व्रत के बीच श्रद्धालुओं को बांटे केले सिकंदराराऊ पहुंचने के बाद शंकराचार्य ने अपने मौन व्रत का पालन करते हुए वैनिटी वैन के द्वार पर खड़े होकर श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप केले वितरित किए। इसके बाद वे अपने विश्राम स्थल के लिए रवाना हो गए। श्रद्धालुओं ने दूर-दूर से पहुंचकर उनके दर्शन किए और यात्रा के उद्देश्य के प्रति समर्थन जताया। सपा नेताओं ने संभाली व्यवस्थाएं यात्रा और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता सक्रिय रहे। इस दौरान ठाकुर महेंद्र सिंह सोलंकी, बबलू यादव, गीनेश यादव एडवोकेट और हरवीर तोमर समेत कई लोग मौजूद रहे। ममता फार्म हाउस में शंकराचार्य की वैनिटी वैन और उनके साथ चल रहे अन्य वाहनों के ठहरने की व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। आयोजकों ने शंकराचार्य, उनके अनुयायियों और समर्थकों के भोजन एवं विश्राम की समुचित व्यवस्था की। जानकारी के अनुसार, शंकराचार्य गुरुवार सुबह 7 बजे अपना मौन व्रत समाप्त करेंगे। इसके बाद सुबह 9 बजे तक प्रस्तावित धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने के उपरांत उनका काफिला हाथरस शहर के लिए रवाना होगा।

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