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उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर शनिवार को घट गया, लेकिन पश्चिमी बांधों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण तटीय इलाकों में बाढ़ का संकट अभी भी बरकरार है। कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे लोगों को आवागमन के लिए सरकारी नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 112.820 मीटर था। शुक्रवार सुबह आठ बजे यह बढ़कर 112.860 मीटर हो गया, जिसमें चार सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। शुक्रवार को जलस्तर खतरे के निशान 113 मीटर के बेहद करीब पहुंच गया था, जिससे प्रशासन और स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ गई थी। हालांकि, शनिवार सुबह जलस्तर घटकर 112.790 मीटर पर आ गया, जो खतरे के निशान से 21 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने के दौरान गंगा का पानी नगर के कई तटीय मोहल्लों में घुस गया था। इनमें गोताखोर, कर्बला, हुसैन नगर, मोहम्मद नगर, शाही नगर, सैयद कंपाउंड, श्रीनगर, मालवीय नगर, प्रेमनगर, इंद्रानगर, रविदास नगर और मनोहर नगर जैसे इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों में घरों और गलियों तक पानी पहुंचने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ प्रभावित मोहल्लों में कई स्थानों पर गलियों में पानी भर गया है, जिससे पैदल आवागमन मुश्किल हो गया है। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सबसे अधिक कठिनाई हो रही है। दैनिक जरूरतों का सामान लेने या आवश्यक कार्यों के लिए बाहर निकलने हेतु निवासियों को नावों का उपयोग करना पड़ रहा है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की आवाजाही और राहत कार्यों के लिए एक दर्जन से अधिक नावों की व्यवस्था की है।
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गंगा का जलस्तर घटा, बाढ़ का संकट बरकरार:उन्नाव के तटीय इलाकों में जलभराव, लोगों को नावों का सहारा