कूल्हा प्रत्यारोपण की नई तकनीक:मरीजों के लिए वरदान, रिकवरी का समय आधा होगा


लखनऊ के विभूति खंड स्थित होटल हयात रीजेंसी में शनिवार को जॉइंट केयर फाउंडेशन की ओर से ‘इंडिया एंटीरियर हिप फाउंडेशन कोर्स 2026’ (IAHF-2026) में विशेषज्ञों ने कूल्हा प्रत्यारोपण ( हिप रिप्लेसमेंट ) की एक ऐसी आधुनिक तकनीक साझा की, जो मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। प्रसिद्ध रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. सौरभ शुक्ला ने बताया कि अब ‘डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच’ (DAA) के जरिए सामने से ऑपरेशन किया जाता है। पारंपरिक सर्जरी में कूल्हे को साइड या पीछे से खोलने के लिए मांसपेशियां काटनी पड़ती थीं, लेकिन इस नई तकनीक में मांसपेशियों को सुरक्षित रखा जाता है। इससे रिकवरी का समय आधा हो गया है। जमीन पर बैठना होगा आसान भारतीय मरीजों की सबसे बड़ी चिंता जमीन पर बैठने या पालथी मारने को लेकर होती है। डॉ. शुक्ला के मुताबिक, इस तकनीक के बाद मरीज दूसरे-तीसरे हफ्ते से ही जमीन पर बैठ सकेंगे। इसमें कूल्हा उतरने (डिस्लोकेशन) का खतरा न के बराबर है और पैरों के छोटे-बड़े होने की समस्या भी खत्म हो जाती है। खास बातें: जो आपके लिए जानना जरूरी है 80 से ज्यादा सर्जन ले रहे ट्रेनिंग इस दो दिवसीय प्रोग्राम में देश के 20 राज्यों से आए 80 से ज्यादा ऑर्थोपेडिक सर्जन हिस्सा ले रहे हैं। यूरोप और अमेरिका में सफल रही इस तकनीक की बारीकियां सीखने के बाद अब भारतीय डॉक्टर भी कम समय में सटीक सर्जरी कर सकेंगे। कोर्स के दौरान डॉक्टरों को IAHF-2026 फेलोशिप भी दी जाएगी।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *