समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर देश में जारी राजनीतिक बहस के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने एक बड़ा और विवादित बयान दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा भाजपा शासित राज्यों में UCC लागू करने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. हसन ने साफ किया कि वे कुरान की रोशनी में बताए गए प्रावधानों को ही मानेंगे। मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व सांसद ने कहा, “हम शरीयत की मांग करेंगे और कुरान में जो हुक्म दिया गया है, हम उसी पर चलेंगे।” उन्होंने पारिवारिक और संपत्ति के अधिकारों का जिक्र करते हुए आगे कहा कि अपने परिवार और बेटियों को कितना हिस्सा देना है, यह तय करने का अधिकार खुद उन्हें होना चाहिए। मस्जिदों को निशाना बनाने का लगाया आरोप
डॉ. एसटी हसन ने UCC के मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और मुरादाबाद की मस्जिदों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि UCC के जरिए किसी भी तरह से माहौल खराब करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। अंतिम संस्कार की परंपराओं का किया जिक्र
धार्मिक परंपराओं की संवेदनशीलता को रेखांकित करते हुए पूर्व सांसद ने कहा कि देश में हर धर्म की अपनी आस्थाएं हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कोई भी मुसलमान यह नहीं चाहेगा कि उसकी बॉडी को जलाया जाए, और ठीक इसी तरह कोई भी हिंदू यह नहीं चाहेगा कि उसके शव को दफनाया जाए। गौरतलब है कि गृह मंत्री अमित शाह के होलिया बयानों के बाद से ही UCC को लेकर देश भर में राजनीतिक सरगर्मियां एक बार फिर तेज हो गई हैं, जिस पर अब मुस्लिम नेताओं और विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं।
Source link
"कुरान के हुक्म पर चलेगा मुसलमान":UCC पर मुरादाबाद के पूर्व सांसद एसटी हसन बोले- मुसलमान इसे नहीं मानेंगे