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कानपुर के जाजमऊ स्थित रैदास विहार में मूसलाधार बारिश के बाद नाले के चोक होने से जलभराव हो गया। इसके कारण 12 मकान मलबे में तब्दील हो गए, जबकि लगभग 60 मकानों में लाखों रुपये की गृहस्थी और राशन बर्बाद हो गया। घटना के तीसरे दिन गुरुवार दोपहर करीब 12:30 बजे तहसीलदार सदर विनय कुमार और क्षेत्रीय लेखपाल अर्पित कटियार ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त मकानों का निरीक्षण किया। तहसीलदार विनय कुमार ने बताया कि क्षति का सर्वे कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। नगर निगम से भी रैदास विहार बस्ती की रिपोर्ट मांगी जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजकर नियमानुसार पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। रैदास विहार की दूसरी लेन में करीब 40 मीटर लंबी दीवार अचानक ढह गई। इस हादसे के दौरान मोईन और उनका बेटा बाल-बाल बच गए। पानी पूरी तरह नहीं उतरने से परिवारों में दहशत बनी हुई है। लोगों को डर है कि जलभराव के चलते उनके मकान भी क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। पानी कम होने पर जब लोग घरों में पहुंचे तो इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कपड़े, राशन और घरेलू सामान पूरी तरह खराब मिला। घटना के बाद मोईन अपने घर में ताला लगाकर गांव चले गए हैं। वहीं, 20 मकानों में भारी जलभराव के कारण उनके ढहने का भय बना हुआ है। जलभराव ने बस्ती के 60 से अधिक बच्चों की पढ़ाई पर भी संकट खड़ा कर दिया है। सुनीता, तनीषा, हनीफ और विमला देवी ने बताया कि रैदास विहार की करीब 90 प्रतिशत महिलाएं घरों में चौका-बर्तन कर बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाती हैं। बारिश के पानी में बच्चों की कॉपी-किताबें और स्कूल का सामान बह गया या गीला होकर खराब हो गया। अब परिवारों के सामने दोबारा पढ़ाई का सामान जुटाने की चुनौती है। उनका कहना है कि घर चलाना मुश्किल है, ऐसे में बच्चों की पढ़ाई कैसे करवा पाएंगे।
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कानपुर में तीसरे दिन जलभराव का सर्वे करने पहुंची टीम:60 बच्चों की पढ़ाई पर संकट, बच्चों ने देशी नाव बनाकर पानी में किया मस्ती