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कानपुर में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से गंगा किनारे कटरी के गांवों में मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। दिवनीपुर समेत कई गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। किसानों की लौकी, भिंडी, धनिया समेत कई फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो गई हैं।
वहीं, पानी बढ़ने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों की परेशानी भी बढ़ गई है। बच्चे करीब 30 मिनट नाव से गंगा पार कर स्कूल पहुंच रहे हैं। आने-जाने में उन्हें करीब एक घंटे का समय सिर्फ नाव के सफर में लग रहा है। खेतों में घुसा बाढ़ का पानी, फसलें बर्बाद
दिवनीपुर गांव के किसान राम खिलावन ने बताया कि गंगा किनारे उनके खेत हैं। उन्होंने खेतों में लौकी, भिंडी, धनिया और दूसरी सब्जियों की फसल बोई थी। गंगा का पानी बढ़ने के बाद खेतों में पानी पहुंच गया। इससे फसल बर्बाद हो गई।
अभी बाढ़ का पानी गांवों के अंदर नहीं पहुंचा है, लेकिन खेतों में पानी भरने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों को आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ने की चिंता सता रही है। 30 मिनट नाव का सफर कर स्कूल पहुंच रहे बच्चे
पानी बढ़ने के बाद कटरी क्षेत्र के बच्चों को स्कूल जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। दिवनीपुर और आसपास के गांवों से बच्चे नाव के जरिए परमट की तरफ जाते हैं। एक तरफ का सफर करीब 30 मिनट का है। ऐसे में बच्चों का रोजाना करीब एक घंटा सिर्फ नाव से आने-जाने में लग रहा है। नाव में स्कूल जाने वाले बच्चों के साथ ग्रामीण भी सफर करते हैं। पानी का बहाव बढ़ने के कारण नाव से यात्रा करने में बच्चों को डर भी लग रहा है। ‘डर लगता है, लेकिन पढ़ने तो जाना है’
नाव से स्कूल से वापस लौटे अंशु ने बताया, “जब से गंगा में पानी बढ़ा है, तब से नाव से स्कूल जा रहे हैं और आ रहे हैं। अब केवल नाव में ही एक घंटे का समय लग जाता है। हम लोग नाव से आते-जाते हैं। कुछ बच्चे तैर लेते हैं, लेकिन कुछ तैर नहीं पाते हैं। नाव से 20 से 25 बच्चे स्कूल आ-जा रहे हैं।”
पहाड़ीपुर गांव की छात्रा प्रिया ने बताया, “मैं परमट स्कूल में पढ़ने जाती हूं। नाव से ही आना-जाना पड़ता है, क्योंकि पढ़ने जाना है। डर तो लगता है, लेकिन क्या करें, पढ़ने तो जाना है। अगर आगे बढ़ना है तो पढ़ाई करनी होगी।” बच्चों से नाव का किराया नहीं लेते
नाव चालक राजू ने बताया कि वह दिवनीपुर से परमट की तरफ आधे रास्ते तक लोगों को नाव से पहुंचाते हैं। पानी ज्यादा बढ़ने के कारण कई जगह नाव बदलकर लोगों को परमट तक पहुंचाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया, “स्कूल जाने वाले बच्चों से पैसे नहीं लेते हैं। अब पानी ज्यादा बढ़ गया है, इसलिए बच्चों और ग्रामीणों को बड़ी सावधानी से उस पार लाने-ले जाने का काम करना पड़ता है। कोशिश रहती है कि नाव में ज्यादा लोगों को न बैठाया जाए।” जलस्तर और बढ़ा तो बढ़ेगी परेशानी
गंगा का जलस्तर फिलहाल गांवों के किनारे खेतों तक पहुंचा है। हालांकि, पहाड़ों में बारिश के बाद आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में कटरी के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। सबसे ज्यादा परेशानी खेतों में फसल बर्बाद होने के साथ स्कूल जाने वाले बच्चों को हो सकती है।
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कानपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ा:कटरी किनारे गांव के खेतों में घुसा पानी, बच्चे 30 मिनट में नाव से पहुंच रहे स्कूल; किसानों की फसल बर्बाद