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कानपुर में 15 अप्रैल से शादी समारोह शुरू हो चुके हैं और 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के मौके पर शादियों का बड़ा आयोजन होगा। इस दिन शहर में करीब 1800 शादियां होने का अनुमान है। अप्रैल से जुलाई तक शादी के कई शुभ मुहूर्त हैं, जिससे बाजार में भी अच्छी रौनक देखने को मिल रही है। इससे करीब 800 करोड़ के कारोबार होने की उम्मीद है। शहर में प्रतिदिन में 100-150 शादियां होगी। अप्रैल के लिए शहर के लगभग, मैरिज लॉन, होटल, गेस्ट हाउस और रिजार्ट पहले से ही बुक हो चुके है। इसी के साथ कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक इत्यादि के मार्केट में सहालग की भीड़ बढ़ गई है।
शादी के सीजन के चलते होटल, गेस्ट हाउस, बैंक्वेट हॉल और लॉन पहले से ही बुक हो चुके हैं। इसके साथ ही कपड़ा, ज्वेलरी, किराना, सजावट और कैटरिंग से जुड़े कारोबारियों को भी अच्छा लाभ मिलने की उम्मीद है। कारोबारियों का अनुमान है कि इस दौरान करीब 800 करोड़ रुपये का कारोबार हो सकता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, अक्षय तृतीया का मुहूर्त 19 अप्रैल को सुबह 10:49 बजे से शुरू होकर 20 अप्रैल को सुबह 7:27 बजे तक रहेगा। इस दिन सोना खरीदना भी शुभ माना जाता है। हालांकि, कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी के कारण कुछ आयोजनों में मेहमानों की संख्या कम करनी पड़ रही है। इसके बावजूद बाजार में खरीदारी का माहौल बना हुआ है। सोना-चांदी की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ बढ़ी है और हल्के गहनों की मांग ज्यादा देखी जा रही है। कपड़ा बाजार में भी साड़ी, लहंगा और पार्टी वियर की खरीदारी बढ़ गई है। ग्रामीण इलाकों में भी इस दौरान बड़ी संख्या में शादियां हो रही हैं, जिससे बाजार को और मजबूती मिल रही है। ज्योतिषाचार्य पंडित पी एन दिवेदी के अनुसार अक्षय तृतीया रविवार 19 अप्रैल को है। तृतीया तिथि 10 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से शुरू हो जाएगी जो 20 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 27 मिनट पर चलेगी। इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है। इसे शुभ मूहूर्त भी कहते है। इस दिन बड़ी संख्या में शुभ कार्य होते है। अप्रैल में 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29, 30 को शुभ मूहूर्त हैं। मई में 3, 4, 5, 6, 7, 8, 12, 13, 14 को विवाह के मूहूर्त है। जून में 19 से 29 तक और जुलाई में 1, 2, 3, 6, 8, 11 को भी शुभ मूहूर्त है। ज्योतिषाचार्य पंडित नीतिशा मेहरोत्रा ने बताया, हमारे यहां 15 अप्रैल से शुभ मूहूर्त शुरू हो गए है। चाहे शादियां, नव गृह, व्यापार इत्यादि के शुभ मुहूर्त निकलने शुरू हो गए है। बैशाख माह के तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया बनाई जाती है। इस दिन हिंदू मान्यताओं के अनुसार श्री हरि विष्णु जी की पूजा धन की देवी लक्ष्मी जी के साथ की जाती है। इस दिन पूरे समय किसी मूहूर्त को देखने की जरूरत नहीं होटी है। हर समय शुभ काम कर सकते है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा अपनी उच्च राशि में रहता है, वहीं शुक्र भी शुभ होता है। क्योंकि इस दिन धर्मनिधि और कला निधि में प्रवेश करता है। 10.49 मिनट से 12.27 तक अबूझ शुभ मूहूर्त है। आप इस दिन दान, पूजा-पाठ और नदियों में स्नान करने के लिए शुभ है। इस दिन गीता, रामायण का पाठ और राम धुन को जपें। इस दिन श्री हरि विष्णु के 6 वें अवतार भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। हिंदू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार परशुराम जी अमर और चिरंजीवी है। वहीं द्वापर में श्री कृष्ण जी ने द्रोपदी को अक्षय पात्र दिया था। जो कभी समाप्त नहीं होता था। इस दिन अच्छे और बुरे कामों का अक्षय की तरह बढ़ते है। इस दिन इसी लिए अच्छे काम किए जाते है। इसी दिन से सनातन के सोलह संस्कार शुरू हो जाते है। जो आषाण माह के शुक्ल पक्ष के एकादशी तक चलेगा। कानपुर होटल, गेस्टहाउस, स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अधिकारियों के मुताबिक सहालग के लिए सभी जगह बुकिंग शुरू हो चुकी है। व्यवसायिक सिलेंडरों की सिलेंडरों की वजह से लोगों को परेशानी हो रही है। इस लिए पार्टियों में मेहमानों की संख्या कम कर दी गई है।
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कानपुर में एक महीने में 1800 शादियों में बजेगी शहनाई:अक्षय तृतीया को 800 करोड़ का कारोबार की उम्मीद, गेस्टहाउस और होटलों की बुकिंग शुरू