कानपुर गौशाला सोसाइटी के खिलाफ अपीलीय आदेश रद्द:हाईकोर्ट ने कहा- विवादित आदेश अनियमित नहीं बल्कि अवैध


इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर गौशाला सोसाइटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए अपीलीय प्राधिकारी के 12 अगस्त 2026 के आदेश को गलत मानते हुए रद्द कर दिया। कोर्ट ने मामले को दोबारा सुनवाई कर निर्णय के लिए वापस भेज दिया है। न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने यह आदेश पारित किया। जानिये क्या है मामला
कोर्ट ने पाया कि अपीलीय प्राधिकारी ने जल्दबाजी में कार्यवाही करते हुए 16 मार्च 2023, 8 मार्च 2025 और 25 जुलाई 2026 की रिपोर्टों के आधार पर आदेश पारित कर दिया, जबकि ये सभी रिपोर्टें एकपक्षीय थीं और याचिकाकर्ता को इन पर आपत्ति दर्ज कराने का कोई अवसर नहीं दिया गया। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि पंजीकृत सोसाइटी होने के बावजूद निरीक्षण याचिकाकर्ता की अनुपस्थिति में किया गया। साथ ही, यह मुद्दा भी तय किया गया था कि गौशाला सोसाइटी धर्मार्थ संस्था है या नहीं, लेकिन विवादित आदेश में इस पर कोई निर्णय नहीं दिया गया। विवादित आदेश अनियमित नहीं बल्कि अवैध
कोर्ट ने कहा कि विवादित आदेश केवल अनियमित नहीं बल्कि अवैध है, क्योंकि तय किए गए मुद्दों पर निर्णय नहीं लिया गया और एकपक्षीय रिपोर्टों के आधार पर आदेश पारित कर दिया गया, बिना याचिकाकर्ता को उनका जवाब देने का मौका दिए। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अपील ज्ञापन में संशोधित करने की छूट दी है। और नए फैसले तक भूमि की प्रकृति के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश।याचिका का निस्तारण कर दिया गया।

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