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बलरामपुर में कर्ज के बोझ में दबे एक व्यक्ति ने चोरी और नकबजनी से पैसा कमाने के लिए कथित तौर पर आपराधिक सिंडिकेट बना लिया। देहात कोतवाली पुलिस ने सिंडिकेट के कथित लीडर विकास पांडेय को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, विकास पहले भी कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है और अपने साथी मनीष कुमार मिश्रा के साथ चोरी व नकबजनी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस के अनुसार प्रभारी निरीक्षक गिरिजेश कुमार तिवारी की तहरीर पर 8 अगस्त 2026 को विकास पांडेय और मनीष कुमार मिश्रा के खिलाफ आपराधिक सिंडिकेट गठित कर संगठित तरीके से चोरी और नकबजनी करने तथा आर्थिक लाभ अर्जित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक गिरिजेश तिवारी के नेतृत्व में टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी। ऐलहवा मोड़ पर वाहन का इंतजार करते पकड़ा 8 और 9 अगस्त की रात वरिष्ठ उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रसाद अपने हमराही कांस्टेबल प्रवेन्द्र कुमार और राज चौधरी के साथ गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित विकास पांडेय ऐलहवा मोड़ के पास किसी वाहन का इंतजार कर रहा है। पुलिस की तलाश की भनक लगने के बाद वह वहां से निकलने की फिराक में था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और विकास पांडेय को हिरासत में ले लिया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने रविवार दोपहर 3:29 बजे गिरफ्तारी की जानकारी दी। ‘कर्ज बढ़ गया था, इसलिए फिर चोरी की तैयारी थी’ पुलिस की पूछताछ में विकास पांडेय ने बताया कि वह अपने साथी मनीष कुमार मिश्रा के साथ चोरी और नकबजनी की वारदातें करता रहा है। दोनों पहले भी जेल जा चुके हैं। आरोपी के मुताबिक, करीब तीन-चार महीने पहले जेल से बाहर आने के बाद उस पर काफी कर्ज हो गया था। कर्ज चुकाने के लिए उसने दोबारा अपराध की दुनिया में लौटने की तैयारी शुरू कर दी थी। साथियों से मिलने जा रहा था, तभी मुकदमे की जानकारी मिली पुलिस के मुताबिक, विकास ने बताया कि वह अपने अन्य साथियों से मिलने जा रहा था। उसकी योजना साथियों के साथ मिलकर चोरी कर रुपये कमाने की थी। इसी बीच एक खास व्यक्ति के माध्यम से उसे जानकारी मिली कि देहात कोतवाली में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है। इसके बाद वह पुलिस से बचने की कोशिश में था, लेकिन ऐलहवा मोड़ पर मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। विकास पर चोरी-नकबजनी के 6 मुकदमे पुलिस के अनुसार गिरफ्तार विकास पांडेय के खिलाफ बलरामपुर और श्रावस्ती के अलग-अलग थानों में चोरी, नकबजनी और चोरी का माल बरामद होने से संबंधित 6 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें कोतवाली देहात, गिलौला, इकौना और नवीन मार्डन थाना क्षेत्रों के मामले शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2022 से 2025 के बीच दर्ज इन मामलों में कई मुकदमों में आरोपपत्र भी न्यायालय में दाखिल किए जा चुके हैं। गश्त कर रही टीम ने की गिरफ्तारी विकास पांडेय को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक रामाश्रय प्रसाद, कांस्टेबल प्रवेन्द्र कुमार और कांस्टेबल राज चौधरी शामिल रहे। पुलिस अब आरोपी के अन्य साथियों और उसके कथित आपराधिक नेटवर्क के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
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कर्ज चुकाने के लिए बना ली चोरी-नकबजनी की गैंग:बलरामपुर में ‘सिंडिकेट लीडर’ विकास पांडेय गिरफ्तार, आरोपी पर 6 मुकदमे दर्ज