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मुरादाबाद के एसएस चिल्ड्रन एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को “खतरे में विरासत” विषय पर एक वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों के बौद्धिक और अभिव्यक्ति कौशल को विकसित करना था। कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया और विषय के पक्ष तथा विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्या डॉ. बबीता अग्रवाल, प्रशासक डॉ. अनिल अग्रवाल, निदेशक सुनील अग्रवाल और शैक्षिक निदेशक अपूर्व अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया। प्रतियोगिता के दौरान छात्रों ने सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आधुनिकता, प्रदूषण, अतिक्रमण और उपेक्षा को विरासत के लिए प्रमुख खतरे बताया। प्रतिभागियों ने अपने तर्कों को आत्मविश्वास और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। निर्णायक मंडल में विद्यालय की उपप्रधानाचार्या सुप्रिया अग्रवाल और गर्ल्स ब्रांच सिविल लाइंस की वरिष्ठ शिक्षिका बीनू नय्यर शामिल थीं। उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि विरासत का संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है और युवाओं की जागरूकता इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विद्यालय के प्रशासक डॉ. अनिल अग्रवाल ने बताया कि ऐसी प्रतियोगिताएं छात्रों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होती हैं और उन्हें सामाजिक विषयों के प्रति जागरूक बनाती हैं। प्रतियोगिता में अवंतिका और ईशानी चौधरी ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। गिप्स पाल को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी छात्रों को पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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एसएस चिल्ड्रन एकेडमी में 'खतरे में विरासत' पर वाद-विवाद:छात्रों ने सांस्कृतिक, ऐतिहासिक विरासत संरक्षण पर रखे विचार