उन्नाव में गंगा का जलस्तर घटा, बाढ़ प्रभावितों को परेशानी:कई इलाकों में घरों के सामने अब भी घुटनों तक भरा है पानी, नाव से हो रही आवाजाही


उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है। चेतावनी बिंदु से ऊपर बह रही गंगा के कारण पश्चिमी गंगाघाट समेत कई इलाकों में अब भी घरों के सामने घुटने से लेकर कमर तक पानी भरा है। रास्तों पर पानी होने से लोगों को जरूरी कामों के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। जलस्तर में लगातार गिरावट से लोगों को राहत की उम्मीद जगी है, लेकिन बस्तियों से पानी निकलने और जनजीवन सामान्य होने में अभी समय लग सकता है। 30% आबादी बाढ़ की चपेट में आई थी सितंबर की शुरुआत में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 113 मीटर को पार कर 113.120 मीटर के इस साल के सबसे ऊंचे स्तर तक पहुंच गया था। अचानक बढ़े जलस्तर के कारण गंगाघाट नगर क्षेत्र की करीब 30 प्रतिशत आबादी बाढ़ की चपेट में आ गई थी। पश्चिमी गंगाघाट के कर्बला, गोतखोर, हुसैन नगर और तेजीपुरवा समेत कई मोहल्लों में पानी भर गया था। ग्रामीण क्षेत्रों में फत्तेखेड़ा, गगनीखेड़ा, लक्ष्मीखेड़ा, बालघाट चौकी क्षेत्र, श्रीनगर, मालवीय नगर, मनोहर नगर, गंगा नगर, शक्तिनगर, पोनी गांव, पीपरखेड़ा, गजियाखेड़ा और झब्बूपुरवा समेत कई इलाकों में भी बाढ़ का असर रहा।
गलियों में पानी, नाव से हो रही आवाजाही गंगा का जलस्तर घटने के बाद भी बाढ़ प्रभावित बस्तियों में पानी भरा हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई घरों के सामने अब भी घुटनों से लेकर कमर तक पानी है। गलियों और रास्तों में पानी होने के कारण पैदल निकलना मुश्किल है। ऐसे में लोग नाव के सहारे एक जगह से दूसरी जगह पहुंच रहे हैं। घरों में जरूरी सामान पहुंचाने और रोजमर्रा के कामों के लिए भी लोगों को पानी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। बिजली गुल, मोबाइल चार्ज करना भी मुश्किल बाढ़ प्रभावित कई इलाकों में बिजली आपूर्ति अब भी ठप है। उमस भरी गर्मी में लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ रहा है। मोबाइल फोन चार्ज नहीं होने के कारण लोग रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क भी नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी कम होने के साथ ही जल्द बिजली आपूर्ति बहाल कराई जानी चाहिए। रविवार को चेतावनी बिंदु से नीचे आ सकता है जलस्तर केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शनिवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 112.12 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 113 मीटर से 88 सेंटीमीटर नीचे है, जबकि चेतावनी बिंदु 112 मीटर से अभी 12 सेंटीमीटर ऊपर है। आयोग के अनुसार गंगा के जलस्तर में फिलहाल कमी जारी रहने की संभावना है। उम्मीद है कि रविवार को जलस्तर चेतावनी बिंदु से भी नीचे आ सकता है। हालांकि, नदी का पानी घटने के बाद भी बाढ़ प्रभावित बस्तियों में जमा पानी निकलने और सामान्य जनजीवन बहाल होने में अभी समय लग सकता है।

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