![]()
अम्बेडकरनगर में उद्योग नगरी टांडा में नशे के कारोबार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़ा हुआ है। दो दिन पहले 30 सितंबर को कोतवाली टांडा पुलिस ने धर्मनगर हाईवे के पास 20 ग्राम हेरोइन के साथ मोहम्मद जुबेर उर्फ पकौड़ा को गिरफ्तार किया। बरामद हेरोइन की कीमत करीब चार लाख रुपये बताई जा रही है। आरोपी सिकंदरपुर, सम्मनपुर क्षेत्र का रहने वाला है और पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। एनडीपीएस एक्ट में कार्रवाई के बाद उसे जेल भेज दिया गया। लेकिन इस गिरफ्तारी के बाद बड़ा सवाल यह है कि टांडा में खपाने के लिए हेरोइन की यह खेप आखिर कहां से आई थी। पुलिस ने बरामदगी और गिरफ्तारी तो कर ली, अब जांच की अगली कड़ी सप्लायर और उस नेटवर्क तक पहुंचने की होनी चाहिए, जहां से नशे की खेप टांडा और आसपास के इलाकों तक पहुंच रही है। पुलिस ने गिरफ्तारी से इनकार किया था टांडा में नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर पहले भी शिकायतें और मामले सामने आते रहे हैं। दिसंबर 2025 में प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप के सप्लाई नेटवर्क की जांच के दौरान पुलिस टीम ने टांडा क्षेत्र में छापेमारी कर संदिग्धों से पूछताछ की थी। उस समय पुलिस ने गिरफ्तारी से इनकार किया था। अप्रैल 2024 में टांडा कोतवाली पुलिस ने सिकंदराबाद क्षेत्र में 570 ग्राम गांजे के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। सूत्रों की मानें तो कई बार स्थानीय स्तर पर टांडा में स्मैक और नशीले इंजेक्शन के इस्तेमाल को लेकर भी लगातार चिंता जताई जाती रही है। कई जगहों पर गांजा, भांग और स्मैक की अवैध बिक्री के रैकेट सक्रिय होने की बात कही गई थी। गिरफ्तारी से आगे अब नेटवर्क की बारी 20 ग्राम हेरोइन की बरामदगी को महज एक और एनडीपीएस कार्रवाई मानकर मामला खत्म करने के बजाय अब यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि खेप किस रास्ते से टांडा पहुंची, इसे किसे सप्लाई किया जाना था और इसके पीछे कौन लोग हैं।
Source link
उद्योग नगरी टांडा तक हेरोइन की खेप पहुंचाने वाला गिरफ्तार:30 सितंबर को पकड़ी गई थी साढ़े तीन लाख की हेरोइन, सप्लायर की तलाश जारी