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राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के तहत इलाहाबाद विश्वविद्यालय और उसके संघटक कॉलेज एसएस खन्ना गर्ल्स डिग्री कॉलेज में नए शैक्षणिक सत्र से एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कॉलेज में इसी सत्र से चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीए-बीएड (BA-BEd) पाठ्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। इस नए कोर्स में कुल 50 सीटों पर अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने इस कार्यक्रम को मान्यता दे दी है। इस कोर्स के जरिए अब विद्यार्थियों को दोहरी डिग्री मिलेगी। वे शिक्षाशास्त्र में स्नातक के साथ कला संकाय के किसी एक विषय में मेजर डिग्री प्राप्त करेंगे। NCET मेरिट के आधार पर होगा दाखिला इस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए एनसीईटी (नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है। प्रवेश पूरी तरह से एनसीईटी की मेरिट सूची के आधार पर ही तय होगा और इसके लिए अलग से कोई अन्य प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, अभ्यर्थी का कला व मानविकी वर्ग से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होना या इस वर्ष परीक्षा में शामिल होना आवश्यक है। काउंसिलिंग और आवश्यक दस्तावेज विश्वविद्यालय के काउंसिलिंग कार्यक्रम जारी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को अपने मूल प्रमाण-पत्रों के सत्यापन (वेरिफिकेशन) के लिए व्यक्तिगत रूप से कॉलेज में उपस्थित होना होगा। सीट आवंटित होने के बाद तय समय सीमा के भीतर प्रवेश शुल्क जमा करना अनिवार्य है। कॉलेज प्रशासन की अपील और कोर्स का उद्देश्य प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय-समय पर विश्वविद्यालय और कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाली काउंसिलिंग संबंधी सूचनाओं पर कड़ी नजर बनाए रखें। इस चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीए-बीएड पाठ्यक्रम को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को स्नातक (Graduation) के साथ-साथ शिक्षक शिक्षा (Teacher Education) की डिग्री एक ही पाठ्यक्रम में उपलब्ध कराना है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड शुरू:बीए-बीएड की 50 सीटों पर मिलेगा प्रवेश, NCET मेरिट से होगा दाखिला