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रामपुर जिला अस्पताल के आयुष विंग में तैनात डॉक्टर इकबाल पर मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से एलोपैथिक दवाएं लिखने और मुनाफाखोरी करने का आरोप लगा है। इस मामले का एक वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. दीपा सिंह ने डॉक्टर इकबाल को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि नोटिस के जवाब के बाद सेवा समाप्ति की कार्रवाई भी की जा सकती है। थाना सिविल लाइंस क्षेत्र निवासी वालसटर सिंह ने बताया कि वे जिला अस्पताल के आयुष विंग में हाथ की खुजली का इलाज कराने गए थे। आरोप है कि डॉक्टर इकबाल ने उनकी मर्जी के बिना लगभग 580 रुपये की एलोपैथिक दवाएं लिख दीं और उन्हें निजी मेडिकल स्टोर से खरीदने को कहा। मरीज का कहना है कि दवाएं खरीदने के लिए उन्हें अपनी बेटी से पैसे उधार लेने पड़े। मरीज ने आरोप लगाया है कि यदि एक मरीज को 580 रुपये की दवाएं लिखी जा रही हैं और डॉक्टर प्रतिदिन लगभग 50 मरीज देखते हैं, तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हर दिन हजारों रुपये की दवाएं लिखी जा रही होंगी। यह भी आरोप है कि निजी मेडिकल स्टोरों से कमीशन के जरिए मुनाफा कमाया जा रहा है। सीएमओ डॉ. दीपा सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में स्पष्ट किया कि आयुष विंग में तैनात डॉक्टर को एलोपैथिक दवाएं लिखने का अधिकार नहीं है। वीडियो और शिकायत सामने आने के बाद डॉक्टर इकबाल को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। उन्होंने कहा कि नोटिस का जवाब मिलने के बाद पूरे मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस मामले के सामने आने के बाद जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों को बाहर की दवाएं लिखे जाने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। वहीं, इस मामले में जिला अस्पताल के सीएमएस बी.सी. सक्सेना का कहना है कि वे डॉक्टर इकबाल पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकते, क्योंकि वे उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आते हैं। हालांकि, डॉक्टर की उपस्थिति यहीं दर्ज होती है और पर्चे भी जिला अस्पताल से ही जारी होते हैं।
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आयुष डॉक्टर पर एलोपैथिक दवाएं लिखने का आरोप:रामपुर जिला अस्पताल के डॉक्टर इकबाल को सीएमओ ने नोटिस जारी किया