आगरा में लुटेरी दुल्हन की तलाश में प्रयागराज जाएगी पुलिस:बिचौलियों की भी तलाश में जुटी पुलिस, पहले भी ताजनगरी में लुटेरी दुल्हन बना चुकी है शिकार


आगरा में लुटेरी दुल्हन का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी ताज नगरी में लुटेरी दुल्हन लोगों को अपना शिकार बना चुकी हैं। पुराने मामले में भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए थे। पीड़ित ही लुटेरी दुल्हन को तलाश कर लाया था। इस मामले में भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। पीड़ित को कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। हालांकि अब पुलिस दुल्हन की तलाश में प्रयागराज जाने की तैयारी कर रही है। बिचौलियों की भी तलाश की जा रही है। आगरा के आवास विकास कॉलोनी सेक्टर 14 निवासी गुड्‌डी देवी ने बताया कि उनके तीन बेटे हैं। बडा बेटा विष्णु फ्लावर डेकोरेशन का काम करता है। उसकी शादी के लिए वो लड़की तलाश रही थीं। शमसाबाद के रहने वाले जवाहर सिंह से उनकी मुलाकात हुई। उन्होंने बताया कि प्रयागराज की रहने वाली एक गरीब लड़की है। उसके पिता नहीं है। उसके भाई धारा सिंह को जानता है। उसकी बातों में आकर वो शादी के लिए तैयार हो गई। जवाहर ने उसने कहा कि लड़की पक्ष बेहद गरीब है, ऐसे में दोनों तरफ का खर्चा उन्हें ही उठाना पडे़गा। उसने लड़की पक्ष के लिए डेढ़ लाख रुपए ले लिए। 27 जून 2026 को आगरा में ही शादी की रस्में पूरी हुई। 5 दिन बाद दुल्हन फरार
शादी के 5 दिन बाद 3 जुलाई को सुबह गुड्‌डी देवी उठीं। उन्होंने बहू प्रीति को चाय के लिए आवाज दी। मगर, प्रीति घर पर नहीं थी। इसके बाद उन्होंने उसकी बहुत तलाश की। मगर, उसका पता नहीं चला। जब घर में देखा तो प्रीति करीब 4 लाख रुपए के जेवर, शादी के लिए खरीदे गए कपडे़, मुंह दिखाई में मिले 16 हजार रुपए ले गई थी। बिचौलिए ने दी धमकी
पीड़िता ने बताया कि जब उन्होंने बिचौलिए जवाहर को फोन किया। उसने कहाकि वो पुलिस में शिकायत न करे। वो लड़की को वापस ले आएगा। मगर, कई दिनों तक उसका कोई जवाब नहीं आया। वो धमकी देने लगा कि लड़की को गुम करने के केस में फंसा देगा। इसके बाद पीड़िता ने थाना सिकंदरा में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। इसके बाद कोर्ट के माध्यम से एफआईआर दर्ज हुई है।
एक साल पहले भी हुई थी घटना
आगरा में पिछले साल जून में भी लुटेरी दुल्हन का मामला सामने आया था। एत्माद्दौला सीतानगर थाना क्षेत्र की कुसुमा देवी के बेटे रिंकू की शादी अंतिमा नाम की लड़की से हुई थी. बिचौलिया अधिवक्ता जयप्रकाश ने शादी कराने के लिए 1 लाख 30 हजार रुपये भी लिए थे। विवाह में अंतिमा के बुआ, फूफा और मामा भी शामिल हुए थे। अंतिमा और रिंकू की शादी न्यू आगरा क्षेत्र के नगला पदी के एक मंदिर में हुई थी। रस्म के बाद सुहागरात में दुल्हन पति के साथ-साथ सभी के लिए दूध लेकर आई, जिसमें उसने नशीला पदार्थ मिलाया हुआ था। दूध पीते ही पूरा परिवार बेहोश हो गया और फिर अंतिमा सारी गहने और नकदी लेकर फरार हो गए। इस मामले में पीड़ित ही लुटेरी दुल्हन और उसके कथित रिश्तेदारों को तलाशकर लाया था।

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