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सोनभद्र-मिर्जापुर क्षेत्र के एमएलसी विनीत सिंह आपदा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार सोनभद्र पहुंचे। उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली की चपेट में आने से होने वाली जनहानि को रोकने के लिए सोनभद्र में अब तकनीक का सहारा लिया जाएगा। जिले के संवेदनशील इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने से पहले लोगों को चेतावनी देने वाले यंत्र लगाए जाएंगे। जिला मुख्यालय पहुंचने पर विनीत सिंह का बुलडोजर से बनाए गए करीब 20 फीट के माले और पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। आपदा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विनीत सिंह ने बताया कि मिर्जापुर में ऐसे उपकरण लगाए जाने के बाद आकाशीय बिजली से होने वाली घटनाओं में करीब 50 प्रतिशत तक कमी आई है। इसी तर्ज पर सोनभद्र में भी जरूरत के अनुसार उपकरण लगाए जाएंगे। आकाशीय बिजली से हुई मौतों की समीक्षा विनीत सिंह ने यह भी बताया कि आगामी समिति की बैठक में आपदा से जुड़े करीब 14 बिंदुओं पर चर्चा होगी। इसमें प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों को मिलने वाले मुआवजे, लंबित प्रकरण, किसानों की क्षति और आकाशीय बिजली से हुई मौतों समेत अन्य मामलों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोनभद्र में बाढ़ की घटनाएं कम हैं, लेकिन आकाशीय बिजली एक चुनौती बनी हुई है। कोन, बभनी, चोपन, ओबरा और चुर्क समेत कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे संवेदनशील इलाकों को चिह्नित कर वहां चेतावनी यंत्र लगाने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। एमएलसी ने कहा कि उपकरणों की संख्या जरूरत और संवेदनशीलता के आधार पर तय होगी। इसके लिए धन की कमी बाधा नहीं बनेगी। उद्देश्य यही है कि बिजली गिरने के खतरे की सूचना लोगों को समय रहते मिल जाए और वे सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें। उन्होंने प्राकृतिक आपदा से जुड़े पुराने लंबित मुआवजा मामलों की भी समीक्षा कराने की बात कही। पात्र लोगों को नियमानुसार जल्द राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि जिन मामलों में घटना के कारण को लेकर जांच या कोई और आपत्ति है, उनमें जांच के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
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आकाशीय बिजली से मौतें रोकने को सोनभद्र में लगेंगे यंत्र:सोनभद्र में MLC विनीत सिंह ने कहा- मिर्जापुर की तर्ज पर कम होंगे हादसे