अवैध खनन के गड्ढे में गिरकर बच्चे की मौत:पानी भरा होने पर डूबा, भाई को बचाया गया; बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार


गोंडा जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र के चिश्तीपुर ग्राम पंचायत अंतर्गत रामनगर तिराहा के पास अवैध मिट्टी खनन से बने एक गड्ढे में गिरकर शनिवार देर शाम 5 वर्षीय अमन प्रजापति की मौत हो गई। यह घटना रामनगर तिराहा से पथरी बाजार जाने वाले सड़क मार्ग के बगल हुई। अमन अपने 10 वर्षीय बड़े भाई मोनू प्रजापति के साथ सड़क किनारे खेल रहा था। खेलते समय दोनों बच्चे अचानक गड्ढे में फिसल गए। गड्ढे में पानी भरा होने के कारण अमन डूब गया, जबकि मोनू को स्थानीय लोगों ने बचा लिया। मोनू इस दौरान घायल भी हो गया था। यह गड्ढा एसबीएफ ब्रिक फील्ड के मालिक फिरोज नियाजी द्वारा बिना अनुमति के मिट्टी खनन कराए जाने से बना था। बरसात के कारण इसमें पानी भर गया था। यह गड्ढा लोक निर्माण विभाग की सड़क के किनारे स्थित था। मृतक अमन, राजेश और अनीता प्रजापति का सबसे छोटा बेटा था। उसके दो बड़े भाई मोनू (10) और विवेक (8) हैं। सूचना मिलने पर देहात कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे तैयार नहीं हुए। इसके बाद अमन का अंतिम संस्कार कुछ ही दूरी पर कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय लेखपाल प्रवीण कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की, लेकिन गड्ढे की जांच किए बिना ही लौट गए। फोन पर बातचीत में लेखपाल ने बताया कि रात का समय होने के कारण उन्हें कुछ दिखाई नहीं दे रहा था, जबकि वे चार पहिया वाहन से जांच के लिए आए थे। वहीं जब इस पूरे मामले को लेकर के गोंडा खनन अधिकारी डॉक्टर अभय रंजन से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जिस जगह पर घटना हुई है। उसे जगह पर मिट्टी खनन को लेकर के कोई परमिशन नहीं ली गई थी। बिना परमिशन वहां पर अवैध रूप से मिट्टी की खुदाई करके गड्ढा बनाया गया है। इनके पास मिट्टी खनन का एक परमिशन है जो अन्य गाटा संख्या का है उसकी भी जांच कराई जा रही है। ये मामला संज्ञान में आते ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है और इस पूरे मामले की जांच कराई जा रही है जांच में जो भी निकाल कर आएगा उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसपी विनीत जायसवाल ने कहा कि परिजन पोस्टमार्टम करने के लिए तैयार नहीं थे इसलिए पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है। परिजनों को काफी हमारे देहात कोतवाल और सीओ नगर द्वारा समझाने का प्रयास किया गया लेकिन परिजन पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं थे। अब इस पूरे मामले में सब की निगाहें गोंडा खनन विभाग की जांच पर टिकी है कि आखिर यह गोंडा अयोध्या हाईवे से पथरी बाजार जाने वाले मार्ग के ठीक बगल अवैध मिट्टी खनन करके इतना बड़ा गड्ढा किसकी अनुमति से बनाया गया था और क्यों बनाया गया था यह तो जांच रिपोर्ट में ही सामने आएगा।

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