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अलीगढ़ के देहली गेट क्षेत्र के शुक्रवार को कनवरी गंज से रामनवमी पर भारी सुरक्षा के बीच मिश्रित आबादी से डाला निकाला गया। मां दुर्गा की शोभायात्रा और कलश यात्रा को लेकर पिछले कई दिनों से प्रशासन और मंदिर कमेटी के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई थी। गुरुवार देर रात सांसद सतीश गौतम ने मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद से फोन पर बात तक व्यक्तिगत शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी ली। इसके बाद भी शुक्रवार को पुराने परंपरागत रास्ते से डाला निकालने की अनुमति मिली। इसके बाद जय माता दी के जयघोष के साथ डोला रवाना हुआ। दंगे के कारण बदला था शोभायात्रा मार्ग कई साल पहले दंगे के दौरान शोभायात्रा का परंपरागत मार्ग बदल दिया गया था। उसके बाद शोभायात्रा कनवरी गंज से कटरा आदि मोहल्लों में होकर निकलने लगी। पिछले साल शोभायात्रा के दौरान गली संकरी होने के कारण हादसा हो गया था, जिसमें कुछ लोग घायल भी हो गए थे। सुरक्षा कारणों से नहीं दी थी अनुमति इसी हादसे को ध्यान में रखते हुए कमेटी के पदाधिकारियों ने पुराने परंपरागत रास्ते से शोभायात्रा निकालने के लिए कहा। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने मिश्रित आबादी होने के कारण सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए शोभायात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी। नोटिस के बाद थाने के घेराव इसके अलावा कमेटी से जुटे करीब 50 पदाधिकारियों को नोटिस भी जारी कर दिए। नोटिस जारी होने के बाद तनाव और बढ़ गया। इसकी जानकारी पर भाजपा की पूर्व महापौर शकुंतला वाष्र्णेय सहित अन्य लोगों ने थाना देहली गेट का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, बाद में नगर निगम ने कनवरी गंज कटरा में मार्ग चौड़ा करने के इरादे से गुरुवार को चतूबरे तोड़ दिए। इससे लोगा भड़क गए और कमेटी के लोगों ने शोभायात्रा निकालने से मना कर दिया था। कटरा वाला रास्ता संकरा था पूर्व महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत ने बताया कि क्षेत्रवासी लगातार सब्जी मंडी चौराहे से सीधे यात्रा निकालने की मांग कर रहे थे। प्रमुख सचिव से वार्ता के बाद समझौता हुआ। इसके बाद कलश यात्रा और माता का डोला सीधे सब्जी मंडी चौराहा होकर महावीरगंज पहुंचा। कटरा वाला मार्ग संकरा होने के कारण वहां से मेला निकलना संभव नहीं था। शोभायात्रा से बढ़ा श्रद्धालुओं का उत्साह महापौर प्रशांत सिंघल ने कहा कि शोभायात्रा से श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। गुरुवार देर रात अनुमति मिलने के बाद शांतिपूर्ण तरीके से शोभायात्रा निकाली गई है। कहीं किसी भी प्रकार का विरोध देखने को नहीं मिला। इससे शहर की एकता की भी झलक दिखाई देती है। छावनी में तब्दील हुआ इलाका शहर का मुख्य रूट अतिसंवेदनशील क्षेत्र होने के कारण पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल के साथ आरएएफ की टुकड़ियां तैनात की गईं। सीओ द्वितीस धनंजय सिंह और सीओ तृतीय सर्वम सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी लगाकर व्यवस्था पर नजर बनाए रहे और पैदल मार्च भी किया।
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अलीगढ़ में भारी सुरक्षा के बीच निकली शोभायात्रा:100 साल से रामनवमी पर निलकने वाला डोला पुराने पारंपरिक मार्ग से निकला