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अम्बेडकरनगर में डॉ. भीमराव आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के तहत महापुरुषों और समाज सुधारकों की प्रतिमाओं के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत एक स्मारक पर अधिकतम 10 लाख रुपए तक खर्च किए जाएंगे। मूर्तियों और स्मारकों के चिह्नीकरण का कार्य शुरू हो गया है। महापुरुषों, राष्ट्रीय स्तर के समाज सुधारकों एवं सांस्कृतिक विभूतियों की मूर्तियां देश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित इन प्रतिमाओं की सुरक्षा, संरक्षण और गरिमा बनाए रखना आवश्यक है। शासन ने निर्देश दिया है कि 31 दिसंबर 2025 तक स्थापित दिवंगत विभूतियों की प्रतिमाओं को इस योजना में शामिल कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, प्रतिमा स्थलों का सौंदर्यीकरण कर उन्हें सम्मानजनक स्वरूप प्रदान किया जाएगा। योजना के तहत प्रतिमाओं को अतिक्रमण से बचाने, छत्र या अन्य संरचना के माध्यम से मौसम से सुरक्षा देने तथा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाली मूर्तियों का दीर्घकालिक संरक्षण करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा, पर्यावरणीय प्रभाव और उपेक्षा से होने वाले नुकसान को रोकने की भी व्यवस्था की जाएगी। प्रतिमा स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था, हरियाली और अन्य सौंदर्यीकरण कार्य कर आकर्षक वातावरण बनाया जाएगा। शासन का मानना है कि इससे महापुरुषों के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होगी और सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सकेगा। जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने बताया कि ऐसे स्मारकों के चिह्नीकरण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
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अम्बेडकरनगर में महापुरुषों की मूर्तियों का होगा संरक्षण:डॉ. भीमराव आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के तहत 10 लाख तक खर्च होंगे