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सोमवार 4 मई को जब बाजार खुलेगा तो निवेशकों की नजर अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता पर रहेगी। इसके अलावा टाटा टेक और बीएचईएल जैसी कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजों से लेकर विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री जैसे फैक्टर्स भी बाजार की चाल तय करेंगे। चलिए समझते हैं इस हफ्ते में बाजार में क्या हो सकता है… सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 23,936 | 23,870 | 23,820 | 23,466 | 23,335 | 22,858 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 24,140 | 24,380 | 24,450 | 24,480 | 24,535 | 24,646 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। अब 5 फैक्टर्स जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं… भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला हफ्ता भारी उतार-चढ़ाव वाला रहा। गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी में 0.7% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी। शुक्रवार को महाराष्ट्र दिवस के कारण बाजार बंद रहा, लेकिन इस दौरान वैश्विक स्तर पर कई बड़े घटनाक्रम हुए हैं। 1. शांति वार्ता पर ट्रम्प के रुख पर निर्भर होगा बाजार शनिवार को ईरान ने अमेरिका को एक नया शांति प्रस्ताव भेजा है, जिसमें 14 प्रमुख बिंदु शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वे इस प्रस्ताव की खुद समीक्षा करेंगे। ट्रम्प ने ये भी कहा कि ईरान ने पिछले 47 वर्षों में मानवता और दुनिया के साथ जो किया है, उसकी उसने अब तक पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है। उनके इस बयान से संकेत मिलते हैं कि डील इतनी आसान नहीं होगी। 2. कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजें टाटा टेक्नोलॉजीज, टाटा केमिकल्स, बीएचईएल, गोदरेज प्रॉपर्टीज और एथर एनर्जी जैसी कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजे आएंगे। वहीं शनिवार को डी मार्ट और कोटक बैंक ने नतीजे घोषित किए थे। इन दोनों कंपनियों के शेयरों में सोमवार को हलचल देखने को मिल सकती है। 3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। अप्रैल महीने में उन्होंने कुल 70,135 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं। हालांकि, घरेलू निवेशक (DIIs) बाजार को सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इस दौरान 51,063 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं। 4. डॉलर के मुकाबले रुपया 95 के पार गुरुवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 95.33 पर पहुंच गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे रुपए पर दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भू-राजनीतिक तनाव कम होता है, तो रुपए को थोड़ी मजबूती मिल सकती है। फिलहाल 94.50 का स्तर एक सपोर्ट की तरह काम करेगा। 5. टेक्निकल नजरिया चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि प्राइस एक्शन को देखकर लगता है कि बाजार थोड़ा पॉजिटिव रुझान के साथ एक दायरे में रह सकता है। बाजार में ऊपर की तरफ 24,350 और 24,600 के लेवल पर रेजिस्टेंस यानी रुकावट दिख रही है। वहीं नीचे की तरफ 23,900 और 23,550 पर सपोर्ट नजर आ रहा है। अगर बाजार 23,500 के नीचे गिरता है, तो बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है। मौजूदा हालात में ट्रेडर्स को अनुशासन बनाए रखने के साथ स्टॉप-लॉस का सख्ती से पालन करना चाहिए। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. के मुताबिक सेंसेक्स के लिए ऊपर की तरफ 77,500-78,000 का लेवल अभी भी एक बड़ी रुकावट बना हुआ है। वहीं, गिरावट आने पर 76,300–76,000 का लेवल तुरंत सपोर्ट देगा। कुल मिलाकर, इंडेक्स अभी वेट-एंड-वॉच वाली स्थिति में है। गुरुवार को सेंसेक्स 583 अंक गिरकर बंद हुआ था भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला हफ्ता भारी उतार-चढ़ाव वाला रहा। गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी में 0.70% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी। शुक्रवार को महाराष्ट्र दिवस के कारण बाजार बंद रहा।
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अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर टिकी निवेशकों की नजर:निफ्टी के लिए 23,900 अहम सपोर्ट; इस हफ्ते 5 फैक्टर्स तय करेंगे बाजार की चाल