अब पार्किंग सिर्फ नक्शे में नहीं चलेगी:गारंटी राशि जमा किए बिना नहीं पास होगा नक्शा, उसी पैसे से बनेगी नई पार्किंग


लखनऊ में कमर्शियल भवनों के बेसमेंट में पार्किंग की जगह दुकान, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चलाने पर अब सख्ती होगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने नई व्यवस्था लागू करते हुए तय किया है कि अब कमर्शियल भवन का नक्शा पास कराने से पहले भवन स्वामी को गारंटी राशि जमा करनी होगी। यह राशि तभी वापस मिलेगी, जब मौके पर निर्धारित मानकों के अनुसार पार्किंग विकसित मिलेगी। यदि पार्किंग का गलत उपयोग हुआ तो गारंटी राशि जब्त कर ली जाएगी। एलडीए अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई राशि का उपयोग शहर में नई पार्किंग सुविधाएं विकसित करने में किया जाएगा। प्राधिकरण अब तक इस मद में करीब आठ करोड़ रुपये गारंटी के रूप में जमा करा चुका है। अभियान में खुली बेसमेंट के दुरुपयोग की पोल हाल में हुए व्यापक जांच अभियान के दौरान कई कमर्शियल भवनों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अलीगंज स्थित केंद्रीय भवन के पास एक कॉम्प्लेक्स और सेक्टर-के स्थित पप्पू स्टोर वाली बिल्डिंग समेत कई स्थानों पर बेसमेंट को नक्शे में पार्किंग दिखाकर स्वीकृति ली गई थी, लेकिन वहां रेस्टोरेंट, होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित मिलीं। इन्हीं मामलों को देखते हुए एलडीए ने नियमों को और सख्त कर दिया है ताकि पार्किंग की जगह का व्यावसायिक उपयोग रोका जा सके। 150 भवन सील, शमन का दिया गया मौका एलडीए के प्रवर्तन अभियान में अब तक शहर के करीब 150 भवन सील किए जा चुके हैं। जांच में कई भवनों के बेसमेंट में रेस्टोरेंट, किचन, लॉन्ड्री, दुकानें और बैंक्वेट हॉल संचालित पाए गए। प्राधिकरण ने ऐसे भवन स्वामियों को शमन (रेगुलराइजेशन) का अवसर भी दिया है। यदि वे नियमानुसार नक्शा स्वीकृत कराकर पार्किंग विकसित कर लेते हैं तो राहत मिल सकती है, अन्यथा अवैध निर्माण और कब्जे के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। क्या बोले एलडीए वीसी एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कहा कि पार्किंग का गलत उपयोग करने वाले भवन स्वामियों की गारंटी राशि जब्त की जाएगी। साथ ही भवन निर्माण उपविधियों के तहत अवैध कब्जा भी हटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जब्त धनराशि से शहर में नई पार्किंग विकसित की जाएगी। गोमतीनगर समेत विभिन्न क्षेत्रों में पांच मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की तैयारी भी की जा रही है। एलडीए का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से शहर में पार्किंग की समस्या कम होगी, यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और बेसमेंट के गलत उपयोग से होने वाली आग जैसी दुर्घटनाओं का खतरा भी घटेगा।

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