अचार्य नरेंद्र देव वार्ड में सुलभ शौचालय पर कब्जा:2 फीट की ऊंचाई पर बिजली के तार; गंदे पानी और जर्जर खंभों से लोग परेशान


पुराने लखनऊ के वार्ड नंबर-99 अचार्य नरेंद्र देव के कंघी टोला इलाके में शुलभ शौचालय पर पिछले 20 साल से अवैध कब्जे का आरोप है। वहीं सीवर ओवरफ्लो, गंदे पानी की सप्लाई, डोर-टु-डोर कूड़ा कलेक्शन की खराब व्यवस्था और जर्जर बिजली खंभों से लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीवर लाइन गलत तरीके से डाली गई है और शिकायतों के बावजूद संबंधित विभागों ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। पुराने लखनऊ के वार्ड नंबर-99 आचार्य नरेंद्र देव में मूलभूत सुविधाओं की बदहाल स्थिति लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है…आज वार्ड नंबर-99 आचार्य नरेंद्र देव इलाके का जायजा लिया। नेपियर रोड कॉलोनी, सराय माली खां, दिलाराम बरादरी, रानी कटरा, पन्नी वाली गली, कटहल वाली गली, वसंत विहार गली, मछली फाटक कॉलोनी, हाता सूरत सिंह, चौपटिया, कटरा मोहम्मद अली खां, बजरंगी अखाड़ा, गुल्लू की तकिया, तंबाकू मंडी आदि इलाके आते हैं। सबसे पहले 3 तस्वीरों में देखिए वॉर्ड की ग्राउंड रियलिटी… वार्ड की बड़ी समस्याएं शौचालय पर अवैध कब्जा. कंघी टोला इलाके में नगर निगम का शुलभ शौचालय है। इसपर 20 साल से अवैध कब्जा हुआ पड़ा है। ठेकेदार इसे निजी प्रापर्टी पर बनाकर इसका किराया वसूल रहे हैं, जबकि आसपास कोई शौचालय नहीं होने के कारण लोगों को समस्या हो रही है। मामले में लोगों ने नगर निगम से कई बार शिकायत की है, लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ है। इससे लोगों में नाराजगी की स्थिति है। उनका कहना है कि नगर निगम को शुलभ शौचालय से अवैध कब्जा हटाना चाहिए। सड़क और गलियों में गंदगी. सड़क पर जगह-जगह कूड़ा बिखरा हुआ है। वार्ड के लोग बताते हैं कि नगर निगम की कार्यदाई संस्था लखनऊ स्वच्छता अभियान एलएसए कूड़ा कलेक्शन सही ढंग से नहीं करती है। यह सिर्फ वार्ड के 40-50 फीसदी घरों को कवर करती है। इसके कारण लोग गलियों में कूड़ा फेंक देते हैं। वहीं, गलियों और रास्तों में झाड़ू भी नहीं लगती है। लोगों का कहना है कि झाड़ू दो तीन दिनों में एक बार लग पाती है। इससे गलियां और रास्ते गंदे बने रहते हैं। नालियों में भी गंदगी का अंबार है। मुख्य नाले में कूड़े का ढेर है। गंदे पानी की आपूर्ति. पेयजल की समस्या वार्ड के कई इलाकों में है। नेपियर रोड पर नए ट्यूबवेल की आवश्यकता है। लोगों के घरों में पानी नहीं आता है। क्षेत्र में कई मिनी ट्यूबवेल की बोरिंग कराने की मांग लोगों ने की है। गंदे पानी की आपूर्ति रानी कटरा सहित कई इलाकों में हो रही है। इसके कारण लोग बीमार हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि मामले में शिकायत भी कर रहे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। काला पाइप इलाके में कई घरों में पानी का कनेक्शन है,लेकिन लंबे समय से यहां पर पानी नहीं आ रहा है। सीवर लाइन जर्जर. वार्ड के अधिकतर इलाकों में सीवर लाइन जर्जर है। यह लाइन बहुत पुरानी है। इसकी शिकायत भी लोगों ने की है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। निवाजगंज में सीवर की पाइप लाइन पड़नी थी। 30 से 40 फीट अनुराग सक्सेना के घर से सामान और पाइप पहुंची। इसके बाद ठेकेदार उसे वापस लेकर चले गए। सड़कों पर सीवर ओवरफ्लो की स्थिति भी बनी हुई है। साईं बाबा मंदिर रोड पर सीवर की पाइपलाइन डाली गई है। सीवर का चैंबर आने पर लाइन को टेढ़ा कर दिया गया है। इसके साथ ही सड़क को भी सही नहीं किया गया है। खराब सड़क पर ही लोग आवाजाही करने को मजबूर हैं। बिजली संकट. वार्ड में बिजली की स्थिति खराब है। लोगों का कहना है कि अंडर ग्राउंड तार होने से स्थिति सही हो गई थी लेकिन अब हालात 20 साल बाद फिर से खराब हो गए हैं। खंभे टूटे हुए हैं। तारों पर रुके हैं। कई जगहों पर तार लटके हुए हैं। आंधी बारिश के बीच लाइट चली जाती है। कोई सुनने वाला नहीं है। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जबकि बिजली ट्रिपिंग की समस्या भी खराब बनी हुई है। निवाजगंज में बिजली का खंभा लटका हुआ है। अवधेश शर्मा के मकान के पास में तार सिर्फ दो फीट की ऊंचाई पर हैं। इससे दुर्घटना का खतरा है। सीवर चोक होने से स्थिति खराब नेपियर रोड पर रहने वाले बिजनेसमैन रजनीश चोपड़ा कहते हैं कि- विभाग की टीम आकर सफाई भी करती है, लेकिन इस समस्या का कोई स्थाई समाधान (रिजल्ट) नहीं निकल पा रहा है। असल में मुख्य सड़क के पास से गुजरने वाले सीवर का पाइप बीच में से कहीं टूट गया है। टूटने के कारण वहां बार-बार कूड़ा फंस जाता है, जिससे पीछे के सभी सीवर ऊपर तक चोक हो जाते हैं। हम पिछले 2 साल से सीवर विभाग के जलकल विभाग के अधिकारी अरविंद यादव से इस बारे में कह रहे हैं। उनके यहां के सुपरवाइजर भी कई बार इस संबंध में लेटर लिख चुके हैं कि यहां पर पंचर ठीक करके एक चैंबर बना दिया जाए, ताकि यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाए। इस विषय में रजनीश शर्मा से भी बात हुई है। पहले तो केवल मौखिक रूप से बात हो रही थी, लेकिन अब हमने लिखित शिकायत भी भेज दी है। इसके अलावा, अगर बिजली की बात करें तो बीच में स्थिति काफी ठीक थी, लेकिन पिछले एक महीने से फिर समस्या होने लगी है। यहां पीछे कोई काला पाइप (बिजली लाइन) है, जिसमें जब भी कोई गड़बड़ी या प्रॉब्लम होती है, तो पूरे इलाके में बिजली का ब्रेकडाउन हो जाता है। मुख्य रूप से बिजली की यह समस्या उसी की वजह से बनी हुई है। सरकारी अधिकारी और कर्मचारी कर रहे लापरवाही एडवोकेट अनुराग कुमार सक्सेना निवासगंज, कटहल वाली गली के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि हमारे वार्ड में पार्षद द्वारा काम तो किया जाता है, लेकिन सरकारी कर्मचारी उनका ठीक से साथ नहीं दे पा रहे हैं, जिसकी वजह से समस्याएं बनी हुई हैं। दूसरी समस्या यहां पानी की बहुत बड़ी है। साईं बाबा मंदिर रोड पर अभी कुछ दिन पहले ही नई पाइपलाइन डाली गई है, जिसमें घुमाव बहुत दिए गए हैं, जिसकी वजह से प्रेशर में कमी आ रही है। पानी के साथ-साथ मिट्टी और कंकड़ भी बहुत आ रहे हैं। लोगों के घरों की मोटरों में एयर आ जाती है, जिससे रोज सुबह-शाम मोटर खोलकर उसकी एयर हटानी पड़ती है, तब जाकर पानी आता है। तीसरी समस्या यह है कि कुछ दिन पहले करीब 30-40 मीटर की सीवर लाइन पड़नी थी। ठेकेदार ने वहां पाइप भी गिराए, लेकिन तीन-चार दिन पहले वह अचानक सारे पाइप उठा ले गया। जबकि पार्षद का कहना है कि वहां सीवर लाइन का काम होना है। ठेकेदार किस वजह से पाइप उठा ले गया, यह समझ में नहीं आ रहा है। कई जगहों से सीवर लाइन डैमेज भी है, जिससे सीवर की उचित निकासी नहीं हो पा रही है और इसका कोई समाधान नहीं हो रहा है। इलाके में पानी का संकट राजन कनौजिया हाता सूरज सिंह, बाबा का बाग के रहने वाले हैं। उनका कहना है कि यहां केवल मेरी ही नहीं, बल्कि इस पूरे इलाके के जितने भी लोग हैं, उन सभी की समस्या है। यहां मुख्य रूप से पानी की समस्या है। ऊषा कहती हैं- काला पाइप इलाके में रहती हूं। हमारे यहां समस्या यह है कि नलों में पानी नहीं आ रहा है। कभी पानी बहुत देर से आता है, तो कभी बहुत कम आता है। और कई बार तो ऐसा होता है कि पानी आता ही नहीं है। यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि पिछले कई सालों से लगातार बनी हुई है। यहां मुख्य रूप से पानी की पाइपलाइन की व्यवस्था नहीं है, जिसकी वजह से हमें काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। जहां पर ट्रांसफार्मर लगा हुआ है, वहां एक पाइपलाइन जरूर है। लेकिन उसमें भी पानी नहीं आता है। पानी न आने के बावजूद हमें नियमित रूप से पानी का टैक्स और बिल चुकाना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर जब हम अकेले शिकायत करने जाते हैं, तो विभाग में हमारी कोई सुनवाई नहीं होती है। निवासगंज के लोग बोले- सड़क पर कूड़े का ढेर LSA की लापरवाही बशारत हैदर निवाजगंज के रहने वाले हैं। उन्होंने कहा कि यहां पर कोई साहब अपने घर का निर्माण करवा रहे थे और उसका सारा मलबे व निर्माण कार्य का कूड़ा रोड पर ही डाल गए हैं। कम से कम उन्हें यह सोचना चाहिए कि हम सब स्वच्छ भारत के अंतर्गत रहते हैं और यह एक स्मार्ट सिटी है। अगर वे अपना कूड़ा खुद उठवा देते तो काफी बेहतर रहता और दूसरों को परेशानी न होती। वे रोड पर कूड़ा डालकर लोगों को तकलीफ दे रहे हैं। रात के समय यहां कई लोग इस मलबे के कारण गिर जाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। बिजली के खंभे से दुर्घटना का खतरा प्रिंस रस्तोगी साईं मंदिर रोड पर रहते हैं। उनका कहना है कि मैं यहीं निवासगंज में रहता हूं। हमारे यहां पहली समस्या तो पानी की है, यहां साफ पानी नहीं आता है। चौपटिया फाटक पर रहने वाले रोहित कहते हैं- हमारे क्षेत्र में लाइट की काफी समस्या रहती है और अक्सर लाइट आती-जाती रहती है। इसके संबंध में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद कर्मचारी यहां आए तो थे। यहां जो बिजली का तार था, उसे तो थोड़ा ऊंचा कर दिया, लेकिन जो खंभा है, उसे केवल एक तार से बांधकर वैसे ही छोड़कर चले गए। इस तरीके से खंभे को छोड़ने की वजह से यहां दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है। उन्होंने तार को तो ऊंचा कर दिया, लेकिन खंभे का मामला अब भी वैसा का वैसा ही है और वह इसी तरह लटका हुआ है। कंघी टोला में शौचालय पर कब्जा हमारे यहां समस्या यह है कि जो सार्वजनिक शौचालय है, वह बंद हो चुका है। यह शौचालय पिछले करीब 15 साल से बंद पड़ा है। अब यह क्यों बंद है, इस बात को तो बड़े लोग ही समझ सकते हैं। स्थानीय जनता के लिए लगभग सभी घरों में शौचालय बने हुए हैं, लेकिन जो बाहर से आने वाले मजदूर और लेबर लोग हैं, उनके लिए यहां शौचालय की व्यवस्था नहीं है। शौचालय बंद होने की वजह से वे लोग जहां-तहां शौच करने को मजबूर होते हैं, जिसके कारण यहां मालिक लोग आकर लड़ाई-झगड़ा और नाराजगी जताते हैं। मुन्ना नाला इलाके में रहते हैं। वह कहते हैं- यहां मुख्य समस्या इस नाले और नालियों में फैले कूड़े-कचरे की है। आप खुद देख सकते हैं कि नाले में कितना भारी मात्रा में कूड़ा जमा हो रखा है। यही हाल यहां की नालियों का भी है, वे भी पूरी तरह कचरे से भरी पड़ी हैं। जब भी जमादार सफाई कर्मी यहां आता है, तो वह केवल ऊपर-ऊपर से कचरा समेटकर चला जाता है, लेकिन नीचे से नालियों की सही तरीके से कोई सफाई ही नहीं की जाती है। आरोप चौतरफा फैली गंदगी जीशान बताते हैं कि हमारे यहां सबसे बड़ी समस्या बिजली कटौती और चौतरफा फैली गंदगी की है। सफाई कर्मचारी इस इलाके में नियमित रूप से आते ही नहीं हैं। अगर कभी वे नाली से कूड़ा निकालते भी हैं, तो उसे सड़क पर ही 10-10 दिन तक सूखने के लिए छोड़ दिया जाता है, जिससे यहां बहुत परेशानी होती है। पार्षद बोले- वार्ड में शौचालय पर कब्जा, पेयजल संकट भी बड़ी समस्या क्षेत्र के पार्षद मनीष रस्तोगी कहते हैं कि- पिछले दिनों क्षेत्र में 2-3 मिनी ट्यूबवेल लगाए गए थे। इसके साथ ही, वार्ड के बड़े आकार को देखते हुए अधिकारियों से 3 से 4 और नए मिनी ट्यूबवेल लगाने की मांग की है, जिससे जनता को बड़ी राहत मिल सके। उन्होंने बताया कि नेहरू रोड कॉलोनी में स्थित मुख्य ट्यूबवेल, जो एक बहुत बड़ी आबादी को पानी सप्लाई करता है, वह वर्तमान में खराब हो चुका है। इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारी जीएम जलकल कुलदीप को पत्र लिखकर इस पर विशेष ध्यान देने और इसे जल्द से जल्द ठीक कराने को कहा है। अवधेश शर्मा के मकान के पास में निवाजगंज में बिजली का खंभा लटका हुआ है। तार जमीन से दो फीट की ऊंचाई पर है सिर्फ। मिथलेस बताती हैं कि हमारे यहां सबसे बड़ी समस्या बिजली के तारों की है। सारे तार नीचे लटके पड़े हैं। काफी दिनों से यह समस्या ऐसी ही बनी हुई है और इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यहां बाहर खेलने और निकलने वाले छोटे बच्चों के लिए बहुत खतरा बना रहता है, वे अक्सर इन लटके हुए तारों को पकड़ने के लिए दौड़ते हैं। इसके साथ ही यहां एक बिजली का खंभा भी पूरी तरह से झुका हुआ और टेढ़ा पड़ा है। डर लगा रहता है कि कहीं तेज आंधी आने पर यह खंभा गिर न जाए। वैसे यहां नियमित रूप से कूड़ा तो उठता है, लेकिन लोग इसके अलावा भी फालतू कूड़ा-कचरा यहां लाकर डाल देते हैं, जिसकी वजह से आप देख सकते हैं कि यहां कितना सारा कूड़ा जमा हो रखा है। —————————– इस वार्ड को भी जानिए- टूटी सड़कें, जाम और गंदगी से बेहाल है कमता : लोग बोले- मोहल्ला टैक्सी स्टैंड बन गया, सीवर ओवरफ्लो होकर घरों में भर रहा लखनऊ के कमता चौराहे के बगल स्थित इस्माइलगंज द्वितीय वार्ड नगर निगम के विस्तारित क्षेत्र में शामिल है। यहां के अधिकांश इलाके अनियंत्रित ट्रैफिक, सीवर ओवरफ्लो, अतिक्रमण, जर्जर सड़कों, तालाबों पर अवैध कब्जे, गलियों और खाली प्लॉटों में खुले में पड़े कूड़े… (पूरी खबर पढ़िए)

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