साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग में कई गुना मुनाफे का झांसा देकर एक आर्किटेक्ट से 88.99 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को सेबी से पंजीकृत कंपनी बताकर व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा और फर्जी एप पर रकम दिखाते रहे। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल
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पीड़ित यशवीर सिंह भागीरथी देवी मार्ग, खंदारी के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि 10 जुलाई को उन्हें बिना अनुमति के 328 वेल्थ पायनियर इनवेस्टमेंट ग्रुप नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया। ग्रुप में 152 सदस्य थे। ग्रुप में निशा वर्मा नाम की महिला सभी को लीड कर रही थी।

शेयर ट्रेडिंग में कई गुना मुनाफे का झांसा देकर एक आर्किटेक्ट से 88.99 लाख रुपये ठग लिए
निशा वर्मा चैटिंग के जरिए निवेश पर कई गुना मुनाफे का लालच देती थी। वह कहती थी- हमारी कंपनी सेबी से पंजीकृत है, एचडीएफसी सिक्योरिटी डीएमए मार्केट से रजिस्टर्ड है। 1, 2, 5, 10 नहीं, कई गुना मुनाफा होगा। एक बार रकम लगाकर देखो। मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट देखकर पीड़ित झांसे में आ गए।
13 अगस्त से 17 अगस्त के बीच पीड़ित ने 10 बार में 88.99 लाख रुपये एक ही बैंक खाते में जमा करा दिए। रकम एक एप में बैलेंस के रूप में दिख भी रही थी। जब उन्होंने रकम को अपने निजी खाते में ट्रांसफर करने की कोशिश की तो ट्रांसफर नहीं हुई। इस बारे में निशा वर्मा से पूछा तो वह और रकम जमा करने की मांग करने लगी। तब उन्हें शक हुआ। सेबी से जानकारी करने पर पता चला कि कंपनी फर्जी है। इसके बाद उन्होंने NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर आईटी एक्ट में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिस खाते में रकम जमा हुई है, उसकी जानकारी जुटाई जा रही है। लोगों से अपील है कि किसी भी फर्जी प्रलोभन में न आएं। अनजान ग्रुप में जोड़े जाने पर तुरंत लेफ्ट हो जाएं। ग्रुप में दिखने वाले सदस्य साइबर अपराधी हो सकते हैं। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।