West Bengal Election 2026 LIVE Update; Mamata Banerjee Suvendu Adhikari BJP TMC

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कोलकाता7 मिनट पहले

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पश्चिम बंगाल में सेकेंड फेज की 142 सीटों पर आज वोटिंग है। इनमें ज्यादातर सीटें ऐसी हैं, जहां से TMC पिछले दो या तीन बार से लगातार चुनाव जीत रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में TMC ने 142 में 123 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

सेकेंड फेज के चुनाव में सबसे कड़ा मुकाबला भवानीपुर सीट पर होने वाला है। यह CM ममता बनर्जी की परंपरागत सीट है। ममता के खिलाफ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी चुनाव लड़ रहे हैं। सुवेंदु 2021 में ममता को नंदीग्राम से हरा चुके हैं।

142 सीटों में भांगड़ में सबसे ज्यादा 19 उम्मीदवार मैदान में हैं। गोगाट में सबसे कम 5 उम्मीदवार हैं। क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र कल्याणी है, जबकि सबसे छोटा जोरासांको है। बंगाल में पहले फेज में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। 4 मई को चुनाव के रिजल्ट आएंगे।

दूसरे फेज में 1448 उम्मीदवार, 3.2 करोड़ वोटर्स

पश्चिम बंगाल की कुल 294 सीटों में 210 जनरल सीटें हैं। 68 सीटें SC और 10 सीटें ST के लिए आरक्षित हैं। कुल 6.8 करोड़ वोटर्स हैं। पहली बार वोट डालने वाले लोगों की संख्या पांच लाख से ज्यादा है। वहीं 3.79 लाख वोटर्स 85 से ज्यादा उम्र के हैं।

दूसरे फेज में कुल 1448 उम्मीदवारों में 220 महिलाएं शामिल हैं। कुल 3 करोड़ 21 लाख वोटर्स अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। हुगली जिले के चिनसुरा में सबसे ज्यादा 2,75,715 मतदाता हैं। सबसे कम मतदाता नॉर्थ 24 परगना के भाटपाड़ा में हैं, जहां 1,17,195 वोटर हैं।

इस फेज के लिए केंद्रीय बलों की कुल 2,321 कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा 142 जनरल ऑब्जर्वर, 95 पुलिस ऑब्जर्वर और 100 एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वर भी तैनात हैं। कुल मिलाकर 41,001 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें से 14,218 शहरी और 25,083 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं।

पश्चिम बंगाल में सेकेंड फेज के चुनाव से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

लाइव अपडेट्स

7 मिनट पहले

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SIR प्रक्रिया में 1,468 नाम शामिल, वे आज वोट डाल सकेंगे

विशेष मतदाता सूची पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने बताया कि मतदाता सूची में नाम हटाने के 6 मामले और नाम जोड़ने के 1,468 मामले सामने आए हैं। जिन लोगों के नाम इन 1,468 मामलों में शामिल किए गए हैं, वे इस चरण में अपना वोट डाल सकेंगे।

17 मिनट पहले

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बंगाल चुनाव की 2 तस्वीरें…

कोलकाता में मतदान कर्मी EVM और VVPAT यूनिट्स लेकर मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुए।

कोलकाता में मतदान कर्मी EVM और VVPAT यूनिट्स लेकर मतदान केंद्रों के लिए रवाना हुए।

मतदान कर्मियों के साथ चुनावी ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी भी अपने-अपने बूथ पर रवाना हुए।

मतदान कर्मियों के साथ चुनावी ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी भी अपने-अपने बूथ पर रवाना हुए।

20 मिनट पहले

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AISF का आरोप- भांगर के लोगों को वोट न डालने की धमकी

AISF अध्यक्ष नौशाद सिद्दीकी ने आरोप लगाया है- “कल रात से एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें ग्राम पंचायत प्रमुख लोगों को वोट न देने की धमकी दे रहे हैं… भांगर के लोगों को डरा-धमकाकर वे कुछ भी हासिल नहीं कर पाएंगे… शौकत TMC उम्मीदवार को हराएंगे और उसे घर वापस भेज देंगे।”

33 मिनट पहले

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41,001 पोलिंग बूथ पर वोटिंग, सुरक्षा में CAPF की 2,400 कंपनियां तैनात

कोलकाता पोर्ट विधानसभा क्षेत्र के पोलिंग स्टेशन नंबर 25 के बाहर सुरक्षा बल तैनात हैं, क्योंकि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण के लिए मॉक पोल चल रहे हैं।

41,001 पोलिंग स्टेशनों पर चुनावों के दूसरे चरण और मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए CAPF की लगभग 2,400 कंपनियां तैनात की गई हैं।

कुछ टुकड़ियां बॉडी कैमरों से लैस होंगी, जबकि सभी स्ट्रॉन्ग रूम परिसरों की सुरक्षा निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार CAPF कर्मियों द्वारा की जाएगी। स्ट्रॉन्ग रूम के गेट पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं, और उनकी फुटेज उम्मीदवारों तथा उनके एजेंटों के लिए उपलब्ध होगी।

इसके अलावा हर पोलिंग बूथ पर चार सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। हर बूथ पर कम से कम दो वेबकैम लगाए गए हैं, एक अंदर और एक बाहर।

41 मिनट पहले

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बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के लिए मॉक पोल जारी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के लिए मॉक पोल चल रहे हैं। वीडियो करीमपुर गर्ल्स हाई स्कूल से है।

51 मिनट पहले

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IPS अजय पाल शर्मा को चुनाव ड्यूटी से हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका

पश्चिम बंगाल के चुनावी मुकाबले में एक नाटकीय मोड़ आया है। सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिसमें UP कैडर के एक हाई-प्रोफाइल IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा को पुलिस ऑब्जर्वर के पद से तुरंत हटाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने मंगलवार देर रात रिट याचिका (सिविल) ई-फाइल की।

यह याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 का हवाला देती है, जो नागरिकों को मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए सीधे सुप्रीम कोर्ट जाने की अनुमति देता है; इस मामले में, यह अधिकार स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का अधिकार है।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि शर्मा, जिन्हें अक्सर उनके ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के रिकॉर्ड के कारण UP के सिंघम का उपनाम दिया जाता है, उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) के ऑब्ज़र्वर के तौर पर जरूरी निष्पक्षता को छोड़ दिया है।

याचिका में दावा किया गया है कि दक्षिण 24 परगना में कार्यभार संभालने के बाद से, शर्मा “डराने-धमकाने” और “अनुचित प्रभाव डालने” वाले कामों में शामिल रहे हैं, और खास तौर पर राजनीतिक उम्मीदवारों को निशाना बना रहे हैं।

याचिकाकर्ता के 4 तर्क…

  • उनकी मौजूदगी “चुनावी माहौल को खराब करती है,” जिससे 2026 के विधानसभा चुनावों की निष्पक्षता पर जनता का भरोसा कम होता है। डराने-धमकाने, अनुचित प्रभाव डालने और पक्षपात कर रहे हैं।
  • उन्होंने चुनावों के दौरान जरूरी ‘समान अवसर’ को खराब कर दिया है। ऐसा आचरण ऑब्ज़र्वर तैनात करने के मूल उद्देश्य को कमजोर करता है; ऑब्ज़र्वर से यह उम्मीद की जाती है कि वे चुनावी प्रक्रिया की अखंडता को बनाए रखने के लिए निष्पक्ष संवैधानिक अधिकारियों के रूप में कार्य करेंगे।
  • ‘जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951’ के प्रावधानों के मुताबिक ऑब्ज़र्वर को चुनावों की स्वतंत्र रूप से निगरानी करने और लोकतांत्रिक मानदंडों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया जाता है। इस भूमिका से कोई भी विचलन प्रणाली पर जनता के भरोसे को कमजोर करता है।

सुप्रीम कोर्ट इस मामले का संज्ञान ले और चल रही चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी निर्देश जारी करे।

56 मिनट पहले

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ECI ने बंगाल में वोटिंग से पहले चुनाव अधिकारी का तबादला किया

निर्वाचन आयोग (ECI) ने फलता डेवलपमेंट ब्लॉक के संयुक्त ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) सौरव हाजरा का तबादला कर दिया है, और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण से पहले चुनाव से जुड़े कामों से दो अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) रैंक के अधिकारियों को हटाने का भी निर्देश दिया है।

सौरव हाजरा फलता डेवलपमेंट ब्लॉक में संयुक्त BDO के तौर पर काम कर रहे थे और उन्हें 144-फलता विधानसभा क्षेत्र के लिए सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) भी बनाया गया था। अब उनका तबादला पुरुलिया मुख्यालय में संयुक्त BDO के तौर पर कर दिया गया है, और उनकी जगह संयुक्त BDO रैंक की अधिकारी और विशेष कार्य अधिकारी (OSD) रम्या भट्टाचार्य लेंगी।

12:06 AM29 अप्रैल 2026

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सेकेंड फेज की 3 सबसे हाई प्रोफाइल सीटें- भवानीपुर, पानीहाटी और संदेशखाली

12:04 AM29 अप्रैल 2026

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23 अप्रैल को पहले फेज में 152 सीटों पर वोटिंग हुई थी

12:03 AM29 अप्रैल 2026

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पहले फेज में 93% मतदान, पहली बार इतनी वोटिंग

बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले फेज में 152 सीटों पर 92.72% मतदान हुआ था। पहली बार राज्य में इतनी ज्यादा वोटिंग हुई। इससे पहले बंगाल में सबसे ज्यादा वोटिंग 2011 में 84.72% दर्ज किया गया था।

उसी दिन तमिलनाडु की सभी 234 सीटों चुनाव हए। असम, केरलम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। सभी राज्यों के चुनाव के नतीजे 4 मई को एकसाथ आएंगे।

12:02 AM29 अप्रैल 2026

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ममता बनर्जी लगातार 3 बार से बंगाल की मुख्यमंत्री

बंगाल में 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं।

12:01 AM29 अप्रैल 2026

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ममता ने 34 साल का लेफ्ट शासन खत्म किया

  • आजादी के बाद शुरुआती दौर (1947–1967) में कांग्रेस का वर्चस्व रहा और राज्य में स्थिर सरकारें रहीं।
  • 1967 के बाद कांग्रेस कमजोर हुई और राजनीतिक अस्थिरता का दौर शुरू हुआ, कई गठबंधन सरकारें बनीं।
  • 1977 में वाम मोर्चा (लेफ्ट फ्रंट) सत्ता में आया और ज्योति बसु मुख्यमंत्री बने।
  • 1977 से 2011 तक करीब 34 साल तक लेफ्ट फ्रंट का लगातार शासन रहा।
  • 2000 के दशक में औद्योगीकरण (सिंगूर, नंदीग्राम) को लेकर विवाद हुआ, जिससे लेफ्ट की पकड़ कमजोर हुई।
  • ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने किसान आंदोलनों के जरिए बड़ा जनसमर्थन हासिल किया।
  • 2011 में TMC ने लेफ्ट को हराकर सत्ता हासिल की, 34 साल का लेफ्ट शासन खत्म हुआ।
  • 2016 और 2021 में TMC ने दोबारा जीत दर्ज की और ममता बनर्जी का दबदबा कायम रहा।
  • वर्तमान में राजनीति TMC vs BJP के बीच मुख्य मुकाबले में बदल गई है, जबकि कांग्रेस-लेफ्ट सीमित भूमिका में हैं।

12:00 AM29 अप्रैल 2026

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पिछले 3 विधानसभा चुनाव में महिला वोटरों की संख्या बढ़ी

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