UP-TET का तीसरा दिन- 3.78 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा:2 दिन में 26 नकलची पकड़े, CCTV-कंट्रोल रूम से नकल पर कड़ी नजर


यूपी में शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP-TET) 2026 का शनिवार को आखिरी दिन है। सुबह 7:15 बजे से 8:45 बजे तक सेंटरों में अभ्यर्थियों को एंट्री दी गई। एडमिट कार्ड की जांच, बायोमेट्रिक मिलान और रेटिना स्कैन किया गया। सिंगल शिफ्ट में परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी। एग्जाम के अंतिम दिन प्राथमिक स्तर के अभ्यार्थी परीक्षा देंगे। 3,78,655 अभ्यार्थी अंतिम दिन परीक्षा में शामिल होंगे। बीते दो दिन में प्रदेश भर में 26 नकलची पकड़े गए। जिसमें परीक्षा के पहले दिन यानी गुरुवार को 15 सॉल्वर पकड़े गए। ये सभी दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने आए थे। वहीं दूसरे दिन परीक्षा दे रहे 09 फर्जी परीक्षार्थी (सॉल्वर) पकड़े गए। दूसरे दिन परीक्षा केंद्र के बाहर की 3 तस्वीरें देखिए… इसके अलावा, एक ऐसा अभ्यर्थी भी दबोचा गया जो अपने जूते में मोबाइल छिपाकर परीक्षा कक्ष में घुस गया था। एआई की सतर्कता के कारण विभिन्न जनपदों से 02 और फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गए। कुल 11 नकलचियों दबोचे गए। पहले दिन परीक्षा में 84.76 फीसदी अभ्यर्थी शामिल हुए। दोनों पालियों में 8,07,636 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड थे। इनमें से 6,84,614 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। दूसरे दिन परीक्षा में कुल 93.01% अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई। दोनों पालियों को मिलाकर कुल 8,07,709 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 7,51,321 (93.01%) अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। ​ प्रदेश के 60 जिलों में 955 एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं। परीक्षा 4 जुलाई को भी होगी। 19.94 लाख अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इनमें 17,67,180 परीक्षार्थी यूपी के मूल निवासी हैं। 2,27,481 अभ्यर्थी दूसरे राज्यों से एग्जाम देने पहुंचेंगे। इनमें 1,85,791 सेवारत शिक्षक भी शामिल हैं। एक शिफ्ट में होगी परीक्षा पेपर – 1 (प्राथमिक स्तर – कक्षा 1 से 5) : सुबह 9:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक परीक्षा चलेगी। एंट्री सुबह 7:15 से 8:45 बजे तक होगी। सभी खुफिया एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया
सीएम योगी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि नकल या पेपर लीक की किसी भी कोशिश पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रदेश की सभी खुफिया एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। सभी परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी की लाइव फीड को लखनऊ स्थित कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त, जिला स्तर पर भी कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। परीक्षा से एक दिन पहले सभी केंद्रों के सीसीटीवी की जांच की गई और जो बंद पाए गए, उन्हें तत्काल सक्रिय कराया गया। किसी भी ‘सॉल्वर’ को केंद्र में प्रवेश से रोकने के लिए प्रवेश द्वार पर बायोमेट्रिक और आइरिस स्कैनिंग अनिवार्य की गई है। विशेष साइबर टीम भी तैनात की गई
सोशल मीडिया और टेलीग्राम पर भ्रामक सूचनाओं पर नजर रखने के लिए एक विशेष साइबर टीम भी तैनात की गई है। यह टीम किसी भी अफवाह या गलत जानकारी के प्रसार को रोकने का काम करेगी। जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय का विशेष ध्यान रखें। परीक्षा शुरू होने से कम से कम 60 मिनट पहले केंद्र पर रिपोर्ट करें। अपना एडमिट कार्ड और मूल आईडी कार्ड साथ रखना अनिवार्य है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ईयरफोन या किसी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण केंद्र के भीतर पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। आधे घंटे पहले तय होगी टीचर की ड्यूटी
परीक्षा केंद्रों पर एंट्री से पहले सभी उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसमें आईरिस स्कैन और लाइव फोटो कैप्चर की प्रोसेस शामिल होगी। वहीं, परीक्षा कक्षों में किस टिचर की ड्यूटी होगी, इसका चयन परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले रैंडमाइजेशन प्रोसेस के जरिए किया जाएगा, ताकि किसी तरह की अनियमितता न हो सके। सेवारत शिक्षकों को विशेष अवकाश
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UP-TET)-2026 में शामिल होने वाले सेवारत शिक्षकों को सरकार विशेष अवकाश देगी। विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी की ओर से इस संबंध में आधिकारिक शासनादेश भी जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट के ‘अनिवार्य टेट’ के कड़े रुख के बाद उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षकों के सामने करियर का सबसे बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दशकों से पढ़ा रहे शिक्षकों को अब नए अभ्यर्थियों के साथ परीक्षा हॉल में बैठना पड़ रहा है। ऐसे में परीक्षा की तैयारी और सेंटर तक पहुंचने के लिए छुट्टी मिलना बड़ी राहत है। क्यों इस बार UPTET दे रहे हैं पुराने शिक्षक?
प्रदेश में करीब 1.86 लाख सेवारत शिक्षक टीईटी पास नहीं है। इसमें कई शिक्षक अगले पांच से छह साल में रिटायर भी होने वाले हैं। 25 से 30 साल से पढ़ा रहे शिक्षक भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अभी हाल ही में देश भर में 8वीं तक पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2027 तक हर हाल में टीईटी परीक्षा पास करने का निर्देश दिया है। इसके लिए राज्य सरकारों को कम से कम दो टीईटी की परीक्षा कराने के लिए भी कहा है। अगर तय समय सीमा तक परीक्षा पास नहीं की, तो नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। बिना TET पास किए इन शिक्षकों का प्रमोशन (पदोन्नति) भी लंबे समय से अटका हुआ है। ओएमआर शीट के ट्रंक पर वन टाइम लॉक
आयोग की ओर से तैयार किए गए कई प्रश्नपत्र सेटों में से किस सेट का इस्तेमाल होगा, इसका फैसला परीक्षा शुरू होने से मात्र 5 घंटे पहले ही किया जाएगा। प्रश्नपुस्तिकाओं और ओएमआर शीट के ट्रंक पर वन टाइम लॉक लगाए गए हैं। इन्हें परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले वायर कटर से खोला जाएगा। प्रश्नपत्र पारदर्शी वन-टाइम सीलर पैकेट में बंद रखे गए हैं। ट्रंक लेबल और सेट कोड के लिए कलर कोडिंग की व्यवस्था की गई है। जिससे पाली के अनुसार सही पेपर का वितरण सुनिश्चित हो सके। एक मिनट में अभ्यर्थियों की जांच
परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की तैनाती रैंडम आधार पर की जाएगी। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि प्रवेश से 2 घंटे पहले स्टैटिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में निरीक्षक आवंटित किए जाएं। मेन गेट पर तकनीकी टीमें अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक डेटा, आइरिस स्कैन और फोटोग्राफ, तेजी से लेंगी। यह प्रक्रिया अधिकतम एक मिनट में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। आयोग ने ओएमआर भरने को लेकर सख्त हिदायतें जारी की हैं। प्रश्न पुस्तिका क्रमांक गलत या खाली होने पर कॉपी का मूल्यांकन नहीं होगा। एक से अधिक गोला भरने पर उत्तर अमान्य माना जाएगा। ओएमआर शीट न मोड़ें और न किसी अन्य निशान से गंदा करें। प्रश्नपुस्तिका के पन्ने हटाना दंडनीय अपराध है। ——————

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