UP Psycho Serial Killer Encounter Update; Chandauli Triple Murder

सेना से रिटायर साइको किलर गुरप्रीत सिंह एक-दो नहीं…7 लोगों को मारने वाला था। लेकिन, उससे पहले ही पकड़ा गया। क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान भी वह पुलिस अफसर की पिस्टल छीनकर भागा। फिर एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया।

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पुलिस की थ्योरी है कि जैसे गुरप्रीत ने 25 घंटे में 3 लोगों की कनपटी पर गोली मारकर हत्या की, वह इसी पैटर्न पर और हत्याएं करता। उसके पास कुल 10 कारतूस थे, 7 अभी बचे हुए थे।

तीनों वारदात का पैटर्न एक जैसा था- गोली सीधे कनपटी पर मारी गई थी। गुरप्रीत पंजाब का रहने वाला था। एनकाउंटर होने से 13 दिन पहले वह यूपी आया था। गांव के लोगों ने बताया कि वह डिप्रेशन में था। ज्यादा किसी से बात नहीं करता था। उसके किसी से झगड़े भी नहीं होते थे। सिर्फ शराब बहुत ज्यादा पीता था।

यूपी पुलिस ने पंजाब के गांव तरहतूचक में परिवार को उसकी मौत की खबर दी। इसके बाद गुरप्रीत सिंह के रिश्ते का साला, एक रिश्तेदार और गांव के सरपंच चंदौली बॉडी लेने पहुंचे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

गांव में 2 मकान, बुजुर्ग माता-पिता से अलग रहता था

3 हत्याएं करके दहशत फैलाने वाला 45 साल का साइको किलर पंजाब के तरनतारन जिले का रहने वाला था। तरहतूचक गांव में गुरप्रीत का पुश्तैनी घर है, जहां उसकी जॉइंट फैमिली रहती है। इनमें बुजुर्ग मां-पिता, 2 भाई और उनके परिवार शामिल हैं।

सेना से रिटायर होने के बाद वह गांव आया था। यहां पिता ने घर से करीब 20 कदम की दूरी पर गुरप्रीत को जमीन का टुकड़ा दिया। इसी पर उसने अपना घर बनाया। फिर पत्नी रमनजीत कौर, 13 साल के बेटे गुरसेवक सिंह और 14 साल की बेटी अश्विन कौर के साथ रहने लगा था।

यूपी के चंदौली जिले में गुरप्रीत का एनकाउंटर होने के बाद पुलिस ने पंजाब संपर्क किया। पुलिस ने परिवार के कुछ सदस्यों को गुरप्रीत की मौत के बारे में बताया। पत्नी रमनजीत को मौत के बारे में अभी नहीं बताया गया है।

गांव के लोगों ने बताया कि गुरप्रीत सिंह 29 अप्रैल तक यहीं था। इसके बाद वह यूपी चला गया था। सबको बताया था कि बैंक में नौकरी लगी है। इसके बाद उसके मरने की जानकारी मिली। अभी एक साल पहले 3 मई, 2025 को गुरप्रीत की मां नरिंदर कौर की मौत हो गई थी।

यह गुरप्रीत का पुश्तैनी घर है, जहां उसके माता-पिता और भाई रहते हैं।

यह गुरप्रीत का पुश्तैनी घर है, जहां उसके माता-पिता और भाई रहते हैं।

गुरप्रीत के पास 10 बीघा जमीन, खेती करवाता था

गांववालों ने बताया- सेना से रिटायर होने के बाद गुरप्रीत डिप्रेशन में रहता था। उसकी दवा चल रही थी। वह शांत स्वभाव का था। लोगों से कम बातचीत करता था। जो भी मिलता, उससे प्यार से बात करता था। लेकिन, शराब पीने का आदी था। नशे में उसका एक झगड़ा भी हुआ था, जिसमें गोलियां चली थीं। हालांकि, परिवारवालों ने इस तरह के किसी भी झगड़े से इनकार कर दिया।

गुरप्रीत के भाई ट्रक ड्राइवर हैं। उन्होंने कहा- सेना से रिटायर होने के बाद वह अलग-अलग राज्यों में बैंक सिक्योरिटी की जॉब के लिए जाया करता था। हमें बहुत ज्यादा कुछ बताता नहीं था। गुरप्रीत के पास करीब 10 बीघा जमीन थी। जिसको वह ठेके पर देकर खेती करवाता था।

पुश्तैनी घर से 20 कदम की दूरी पर गुरप्रीत ने नया घर बनाया था। यहां पत्नी और बेटा-बेटी के साथ रहता था।

पुश्तैनी घर से 20 कदम की दूरी पर गुरप्रीत ने नया घर बनाया था। यहां पत्नी और बेटा-बेटी के साथ रहता था।

जब सेना में था, तब सिर पर पगड़ी और दाढ़ी थी

गांववालों ने गुरप्रीत की पुरानी फोटो दिखाई, जो सेना में रहने के दौरान की थी। गुरप्रीत सिखों के रूप में था। सिर पर पगड़ी और दाढ़ी थी। लोगों ने बताया कि डिप्रेशन में आने के बाद उसने बाल कटवा लिए थे। दाढ़ी भी हटा दी थी। परिवारवालों ने समझाने का प्रयास किया था, लेकिन वह माना नहीं। वह या तो अपने घर में रहता था या नौकरी के लिए गांव से चला जाता था।

मेटल डिटेक्टर नहीं पकड़ सके, बैग में हथियार था

इधर, यूपी पुलिस की जांच में सामने आया कि गुरप्रीत सिंह 9 मई को बिहार के आरा से प्रयागराज के लिए निकला। उसी दिन वहां से 153 किमी दूर मुगलसराय आ गया।

उसके पास रिवॉल्वर और डबल बैरल बंदूक थी। बंदूक की नाल उसने काट दी थी। इसलिए उसको बैग में रखकर लाया था। स्टेशन पर मेटल डिटेक्टर लगे थे। लेकिन, न तो RPF स्टाफ और न ही डिटेक्टर ही पकड़ सके कि उसके बैग में 2 हथियार हैं।

वह रातभर स्टेशन पर ही रहा। इसके बाद उसने 2 ट्रेनों में 2 हत्याएं कीं। फिर एक हॉस्पिटल में एडमिट महिला को मारा डाला।

इन हत्याओं में 3 बातें कॉमन थीं-

1. गुरप्रीत किसी को भी पहले से जानता नहीं था।

2. सभी को कनपटी पर गोली मारी।

3. एक हत्या के बाद वह दूसरे टारगेट को तलाशने लगा।

कोलकाता के बैंक में झगड़े के बाद नौकरी गई, फिर आरा पहुंचा

2006 में गुरप्रीत की नौकरी आर्मी में लगी थी। 2021 में 15 साल की नौकरी पूरी होने के बाद उसे रिटायर कर दिया गया। नौकरी करते हुए गुरप्रीत ने डबल बैरल बंदूक का लाइसेंस ले लिया था।

आर्मी की नौकरी के बाद उसने एक सिक्योरिटी एजेंसी जॉइन की। यह एजेंसी अलग-अलग राज्यों के बैंक में गार्ड उपलब्ध करवाती थी। गुरप्रीत की सबसे ज्यादा ड्यूटी कोलकाता के एक बैंक में रही। वहां गुरप्रीत के ज्यादा शराब पीने की आदत ने एजेंसी तक उसकी शिकायत पहुंचा दी। फिर उसको हटा दिया गया।

इसलिए गुरप्रीत ने बिहार के आरा जिले के एक बैंक में गार्ड की जॉब के लिए अप्लाई किया था। 29 अप्रैल को नौकरी के लिए बिहार पहुंचा था। यहां उसने नौकरी जॉइन कर ली। 4-5 दिन ही बैंक गया। यहां भी उसका कर्मचारियों और ग्राहकों से झगड़ा होने लगा।

परेशान होकर बैंक के मैनेजर ने उससे कह दिया कि अब तुम्हें नौकरी पर आने की जरूरत नहीं। नौकरी छूटने के बाद गुरप्रीत को पंजाब वापस जाना चाहिए था। लेकिन, वह चंदौली और मुगलसराय स्टेशन के आसपास घूमने लगा।

चंदौली में सोमवार को गुरप्रीत सिंह को भीड़ ने पकड़कर पीटा था। बाद में पुलिस के हवाले कर दिया था।

चंदौली में सोमवार को गुरप्रीत सिंह को भीड़ ने पकड़कर पीटा था। बाद में पुलिस के हवाले कर दिया था।

DIG बोले- गुरप्रीत को खुद नहीं पता था कि वो कहां जाएगा

इस पूरे मामले में सवाल उठा कि गुरप्रीत आखिर आरा से प्रयागराज क्या करने जा रहा था? इसे लेकर वाराणसी रेंज के DIG वैभव कृष्णा ने कहा- 9 मई को आरा स्टेशन पर आने के बाद गुरप्रीत को क्लियर नहीं था कि जाना कहां है? इसीलिए वह प्रयागराज जाने वाली ट्रेन पर बैठ गया।

वाराणसी के आसपास आकर फिर से उतर गया। यहां से वापस ट्रेन पकड़ी और दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन पर आकर उतर गया। उसके पास एक बैग था, उसमें करीब 10 हजार रुपए और कुछ कपड़े थे। एक रिवॉल्वर और डबल बैरल बंदूक थी, जिसकी नाल उसने आगे से कटवा रखी थी।

DIG ने बताया कि पूछताछ में उसने 3 हत्याएं करने की वजह साफ नहीं बताई। बस जो सामने आ गया, उसे गोली मार दी। गुरप्रीत के बारे में परिवार को सूचित कर दिया गया है। उनसे बात होने के बाद इसके बारे में और पता चल पाएगा। पुलिस उसके पहले के अपराधों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

सीन 1- चंदौली एसपी आकाश पटेल एनकाउंटर स्पॉट पर पहुंचे। उन्होंने अफसरों से एनकाउंटर के बारे में पूछताछ की।

सीन 1- चंदौली एसपी आकाश पटेल एनकाउंटर स्पॉट पर पहुंचे। उन्होंने अफसरों से एनकाउंटर के बारे में पूछताछ की।

सीन 2- आरोपी साइको किलर ने अफसर से यही पिस्टल छीनी थी। एनकाउंटर के बाद पुलिस को घास में पड़ी हुई मिली।

सीन 2- आरोपी साइको किलर ने अफसर से यही पिस्टल छीनी थी। एनकाउंटर के बाद पुलिस को घास में पड़ी हुई मिली।

स्टेशन पर हथियार लेकर गया, अधिकारी बोलने से बच रहे

स्टेशन पर एक शख्स हथियार के साथ घूमता रहा, लेकिन सुरक्षा में तैनात गार्ड उसे पकड़ नहीं सके। यह सुरक्षा में बड़ी चूक है। सवाल उठता है कि आखिर जिम्मेदारी किसकी है? क्या कोई भी व्यक्ति इस तरह से हथियार लेकर जंक्शन और फिर ट्रेन में यात्रा कर सकता है? हमने रेलवे के अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया, लेकिन वे इस पर कुछ भी बोलने से बचते रहे।

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