UP वाराणसी, मुरादाबाद, नोएडा में सिटी लॉजिस्टक प्लान:नोएडा में सात दिन का सर्वे शुरू, एयरपोर्ट कार्गो , इंडस्ट्री के लिए तय होंगे ट्रक रूट


शहर में ट्रकों की आवाजाही को व्यवस्थित करने और भविष्य की लॉजिस्टिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने सिटी लॉजिस्टिक प्लान (सीएलपी) पर काम शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश के तीन शहरों- नोएडा, वाराणसी और मुरादाबाद को इस योजना में शामिल किया गया है। नोएडा में सात दिन का सर्वे शुरू हो गया है। इसके लिए प्राधिकरण ने दो टीमें लगाई हैं, जो ट्रकों की संख्या, उनके रूट और औद्योगिक इकाइयों से होने वाली माल ढुलाई से जुड़े आंकड़े जुटा रही हैं। दो टीमों के जरिए जुटाया जा रहा डेटा
पहली टीम शहर के विभिन्न प्रवेश और निकास बिंदुओं पर पीक ऑवर के दौरान ट्रकों की आवाजाही का आंकलन कर रही है। दूसरी टीम औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंचकर माल ढुलाई के आधार पर ट्रकों की संख्या और उनकी आवाजाही का ब्यौरा जुटा रही है। इसके अलावा एनसीआर के अन्य जिलों से रोजाना नोएडा आने वाले ट्रकों का भी डेटा एकत्र किया जा रहा है। 24 घंटे के आंकड़ों के विश्लेषण के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार होगी, जिसे शासन के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। 25 राज्यों के 100 से अधिक शहर योजना में शामिल
केंद्र सरकार ने 25 राज्यों के 100 से अधिक शहरों के लिए सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार करने की योजना शुरू की थी। उत्तर प्रदेश से नोएडा, वाराणसी और मुरादाबाद को चुना गया है। सर्वे का काम जून तक पूरा होना था, लेकिन अब इस दिशा में तेजी से काम शुरू किया गया है। प्राधिकरण में बनाई गई समिति
इस योजना के लिए प्राधिकरण ने एक समिति का गठन किया है। इसके अध्यक्ष अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) हैं। समिति में सिविल और नियोजन विभाग के दोनों महाप्रबंधक, वरिष्ठ प्रबंधक और औद्योगिक विभाग के एजीएम को शामिल किया गया है। सर्वे रिपोर्ट पहले एसीईओ और फिर सीईओ के जरिए शासन को भेजी जाएगी। जाम नहीं, सुचारु होगी माल ढुलाई
योजना का मकसद ट्रकों की आवाजाही को इस तरह व्यवस्थित करना है कि औद्योगिक क्षेत्रों के अलावा शहर के अन्य सेक्टरों में जाम की स्थिति पैदा न हो। साथ ही माल ढुलाई में लगने वाला समय भी कम हो सके। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कार्गो सेवाएं शुरू होने के बाद इसकी अहमियत और बढ़ जाएगी, जिससे इंडस्ट्रियल जोन से एयरपोर्ट तक माल परिवहन सुगम हो सकेगा। सर्वे में फेस-1, फेस-2 और फेस-3 समेत सभी औद्योगिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है। क्या-क्या होगा तय जाम और प्रदूषण दोनों में आएगी कमी प्लान लागू होने के बाद ट्रकों की आवाजाही निर्धारित व्यवस्था के तहत होगी। इससे प्रमुख मार्गों पर जाम कम होगा, ईंधन की बचत होगी और वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। प्राधिकरण का लक्ष्य औद्योगिक विकास और शहरी यातायात के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करना है।

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