विशाल मौर्य | उन्नाव2 मिनट पहले
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उन्नाव पुलिस ने बिहार थाना क्षेत्र में नहर किनारे मिले अज्ञात महिला के शव की गुत्थी का खुलासा करते हुए प्रेम संबंधों में विवाद को हत्या की वजह बताया है। एसएसपी ने शुक्रवार को बताया कि घटना के 10 दिन के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त सेलेरियो कार भी बरामद की है। मामले के खुलासे में करीब 400 सीसीटीवी की फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली गई।
पुलिस के मुताबिक 6 जुलाई को बिहार-मौरावां मार्ग स्थित केदारखेड़ा नहर पुलिया के पास अज्ञात महिला का शव मिला था। पहचान नहीं होने पर 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें सिर पर गंभीर चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद हत्या का मुकदमा दर्ज कर स्वाट और सर्विलांस टीम को जांच में लगाया गया।

जांच के दौरान 16 जुलाई को लखनऊ के आलमबाग से राधाकांत दुबे उर्फ कक्कू (59), उमेश चंद्र यादव (50) और सुमन वर्मा (40) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मुख्य आरोपी राधाकांत ने बताया कि फरवरी में मकान खरीदने के दौरान उसकी मृतका से पहचान हुई थी। दोनों के बीच संबंध बने, लेकिन महिला उसके साथ रहने का दबाव बनाने लगी। इससे परेशान होकर उसने 5 जुलाई को महिला को एक खाली मकान में बुलाया, कोल्ड ड्रिंक में नींद की दवा मिलाकर पिला दी और बेहोश होने पर ईंट से वार कर हत्या कर दी।
साथियों की मदद से शव नहर किनारे फेंका
हत्या के बाद आरोपी ने अपने साथी उमेश चंद्र यादव को बुलाया। दोनों ने सुमन वर्मा को भी साथ लिया ताकि रास्ते में पुलिस जांच होने पर इलाज के लिए महिला को ले जाने का बहाना बनाया जा सके। इसके बाद शव को बिहार थाना क्षेत्र की केदारखेड़ा नहर पुलिया के पास फेंक दिया गया। जांच के दौरान मृतका की पहचान हुई। उसके परिजनों ने 7 जुलाई को लखनऊ के कृष्णानगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

मुख्य आरोपी पर 18 से अधिक मुकदमे
एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी राधाकांत दुबे पर हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर और गुंडा एक्ट समेत 18 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके साथी उमेश चंद्र यादव पर भी हत्या, लूट, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। दोनों को पूर्व में आजीवन कारावास की सजा भी हो चुकी है। वहीं तीसरी आरोपी सुमन वर्मा केजीएमयू, लखनऊ में संविदा नर्स के पद पर कार्यरत थी।

25 साल में पहली बार अज्ञात शव की हुई शिनाख्त
पुलिस के अनुसार बिहार थाना क्षेत्र में 2001 से अब तक 17 अज्ञात शव मिले थे, लेकिन किसी भी मामले में न तो शिनाख्त हो सकी और न ही घटना का खुलासा हुआ। पहली बार पुलिस ने अज्ञात महिला की पहचान कर हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
