18 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

आज यानी, 1 अगस्त 2026 से कॉमर्शियल सिलेंडर औसतम 200 रुपए तक सस्ता हो गया है। वहीं तत्काल ट्रेन बुकिंग नियम और CKYC के नियम बदल गए हैं।
इसके अलावा 3 से 5 अगस्त को होने वाली आरबीआई की मीटिंग में नई ब्याज दरों पर फैसले लिया जाएगा जिसका आपकी ईएमआई पर असर पड़ सकता है।
अगस्त में होने जा रहे 5 बड़े बदलाव…
1. कॉमर्शियल गैस सिलेंडर ओसतन 180 रुपए सस्ता
बदलाव: तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर औसतन ₹180 रुपए तक सस्ता कर दिया है। दिल्ली में इसकी कीमत ₹2930 हो गई है। पहले ये ₹3113.50 में मिल रहा था।
असर: कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम घटने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च घटेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ते और थाली सस्ते कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी सस्ती हो सकती है।
देश के प्रमुख शहरों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत
| शहर | नई कीमत | पुरानी कीमत | अंतर |
| दिल्ली | ₹2738.00 | ₹2930.00 | ₹192 |
| कोलकाता | ₹2872.50 | ₹3081.50 | ₹209 |
| मुंबई | ₹2691.50 | ₹2885.50 | ₹194 |
| चेन्नई | ₹2906.00 | ₹3106.00 | ₹200 |
14 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं

2. रेलवे: तत्काल टिकट के लिए नया टोकन सिस्टम
बदलाव: 1 अगस्त से रेलवे PRS रिज़र्वेशन काउंटरों पर भीड़ कम करने के लिए टोकन-बेस्ड सिस्टम लागू कर रहा है। काउंटरों से तत्काल टिकट लेने से पहले यात्रियों को टोकन लेना होगा।
असर: इस नई व्यवस्था से काउंटरों पर यात्रियों का वेटिंग टाइम कम होगा। नए रिवाइज्ड प्रोसेस के तहत यात्री काउंटर से अपना टोकन कलेक्ट कर सकते हैं। टोकन मिलने के बाद वे अपने दिए गए अलॉटेड समय पर आकर आसानी से अपनी बुकिंग पूरी कर सकते हैं।
3. RBI मॉनेटरी पॉलिसी: लोन EMI और FD दरों पर असर
बदलाव: रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक 3 अगस्त से 5 अगस्त तक आयोजित होगी। इसके फैसलों का ऐलान 5 अगस्त को किया जाएगा।
असर: ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद कम है, लेकिन अगर इसमें कोई भी बदवाल होता है तो आने वाले हफ्तों में आपके लोन की EMI, FD रिटर्न्स और लोन पर असर होगा।
4. CKYC 2.0: हर नई जगह कागजात जमा करने की जरूरत नहीं
बदलाव: सेंट्रल नो योर कस्टमर यानी CKYC 2.0 का नया अपग्रेडेड सिस्टम रोलआउट हो रहा है। इसका सीधा सा मतलब यह है कि अगर आप बैंक खाता खोलते हैं, बीमा लेते हैं या म्यूचुअल फंड/शेयर बाज़ार में निवेश करते हैं, तो आपकी मंज़ूरी से ये सभी कंपनियां एक ही सरकारी डेटाबेस से आपकी KYC की जानकारी ले लेंगी। पुराने सिस्टम में जो कमियां और गड़बड़ियां थीं, उन्हें ठीक कर डेटा को और सुरक्षित व सटीक बनाया गया है।
असर: डेटा सिक्योरिटी मजबूत होगी, फ्रॉड पर लगाम लगेगी। अब आपको हर नई जगह पर बार-बार अपने कागज़ात (आईडी और एड्रेस प्रूफ) जमा करने की झंझट नहीं झेलनी पड़ेगी।
5. क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग: बिलिंग में पारदर्शिता
बदलाव: RBI ने क्रेडिट कार्ड के नियमों को अपडेट किया है ताकि बिलिंग में पारदर्शिता बढ़ाई जा सके। इसके अनुसार, यदि कोई ग्राहक क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल नहीं भर पाता है, तो बाकी बचे बकाया पैसों पर ब्याज लगाते समय सुविधा शुल्क, पेनल्टी और टैक्स को उसमें शामिल नहीं किया जाएगा।
असर: इस बदलाव से उन ग्राहकों को राहत मिलेगी जो पूरा बिल चुकाने के बजाय बकाया राशि को अगले महीने के लिए आगे बढ़ाते हैं, क्योंकि उनके लिए ब्याज का खर्च कम हो जाएगा। साथ ही, हिडन चार्ज और मनमानी पेनल्टी पर रोक लगने से बिलिंग सिस्टम अधिक पारदर्शी बनेगा।
