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इटावा में जयपुर से स्लीपर बस में सवार होकर इटावा आ रहे तीन रिश्तेदार जहरखुरानी गिरोह के शिकार हो गए। आरोप है कि रास्ते में करीब 35 से 40 साल के एक युवक ने बातचीत में उलझाकर उन्हें चाय, बिस्किट और खाने का सामान खिलाया। इसके बाद तीनों बेहोश हो गए। सोमवार दोपहर किशोर को होश आया तो उसने दोनों रिश्तेदारों को बेसुध हालत में देखा। शहर कोतवाली क्षेत्र की नई बस्ती शाहग्रान निवासी 15 वर्षीय मोहम्मद सोहिल पुत्र तारिक, उसका 20 वर्षीय बुआ का बेटा आमिर और 25 वर्षीय चाचा मोहम्मद एजाज पुत्र स्वर्गीय मोहम्मद अशफाक जयपुर में रह रहे थे। परिवार के अनुसार सोहिल के पिता करीब 20 वर्षों से जयपुर के सी मॉडल मसान चौराहा, एमजी रोड स्थित श्मशान घाट के पास रहकर सिलाई का काम करते हैं। परिजनों के मुताबिक रविवार रात करीब दस बजे तीनों जनता ट्रेवलर्स की स्लीपर बस से इटावा के लिए रवाना हुए। जयपुर से ही एक युवक उनके पास बैठ गया। रास्ते में बालाजी के पास बस रुकी तो युवक बाथरूम जाने के बहाने नीचे उतरा। कुछ देर बाद वह चाय, बिस्किट और अन्य खाने का सामान लेकर लौटा। बातचीत के दौरान उसने तीनों को सामान खाने के लिए दिया। खाने-पीने का सामान लेने के बाद तीनों को होश नहीं रहा। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान चाचा मोहम्मद एजाज की जेब से 25 हजार रुपये निकाल लिए गए। बताया गया कि बस चालक ने तीनों को कानपुर के फजलगंज चौराहे पर उतार दिया, जहां वे काफी देर तक बेसुध हालत में पड़े रहे। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे मोहम्मद सोहिल को होश आया। उसने देखा कि उसके चाचा और बुआ का बेटा अभी भी बेसुध पड़े हैं। इसके बाद चाचा के फोन से पिता को घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलने पर परिजन कानपुर पहुंचे और तीनों को इटावा लेकर आए। शाम करीब आठ बजे उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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3 रिश्तेदारों को नशीला पदार्थ खिलाने का आरोप:जयपुर से इटावा आते समय हादसा, अस्पताल में भर्ती