आसान नहीं है योगी होना:कानून व्यवस्था से राम मंदिर तक, योगी के 8 साल की सबसे बड़ी चुनौतियां और फैसले

गीता में कहा गया है-‘योगः कर्मसु कौशलम’। अर्थात योग केवल ध्यान तप और संन्यास का नाम नहीं है। कर्म को उत्कृष्टता, समर्पण, संतुलन और निष्काम भाव से करना ही सच्चा योग है। यही जीवन को सफल तथा सार्थक बनाने का मार्ग भी है। वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री कहते हैं- योगी होना केवल पद संभालना नहीं,…

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