पहले दिन चार घंटे में हल हुईं 17 शिकायतें:नगर निगम की स्मार्ट पहल शुरू, गंगा से दूर हनुमान फाटक, सिगरा वार्ड भी शामिल


वाराणसी नगर निगम ने गंगा के तटवर्ती 25 वार्डों में मंगलवार से स्मार्ट व्यवस्था शुरू कर दी है। इस व्यवस्था में पहले दिन 17 शिकायतें आयीं। जिसे चार घंटे के भीतर नगर निगम की क्यूआरटी ने सॉल्व कर दिया और नया रिकार्ड बना दिया। पहले दिन सफाई, स्ट्रीट लाइट और पेयजल से जुड़े समस्याओं का निस्तारण किया गया। नगर निगम ने गंगा के तटवर्ती 25 वार्डों के चयन की बात कही थी। लेकिन इस लिस्ट में वाराणसी के हनुमान फाटक और सिगरा वार्ड, गोला दीनानाथ, पियरी कलां का नाम भी शामिल है। महापौर अशोक कुमार तिवारी के निर्देश पर शहर की बुनियादी समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध निस्तारण के लिए यह व्यवस्था शुरू की गयी है। यह पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। वाराणसी शिकायत दर्ज होने के चार घंटे के भीतर समाधान सुनिश्चित करने वाला प्रदेश का पहला नगर निगम बन गया है। निगम की इस इस महत्वाकांक्षी अभियान व अनूठी पहल की शहरवासियों द्वारा काफी सराहना की जा रही है। पहले दिन उद्यान विभाग से नहीं आयी शिकायत ​अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा के मुताबिक पहले दिन स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी सर्वाधिक छ्ह शिकायतें मिलीं। जिनमें पांच सामान्य सफाई व कूड़ा उठाने और एक डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन से संबंधित थी। वहीं आलोक (लाइट) विभाग से जुड़ी पांच शिकायतें आईं, जिनमें स्ट्रीट लाइट के समय से जलने-बुझने की तीन और खंभों में करंट उतरने की दो शिकायतें शामिल रहीं। ​ इसके अलावा सामान्य अभियांत्रिकी विभाग से जलभराव की दो और खुले नाले की बैरिकेडिंग की एक (कुल 3) शिकायत दर्ज हुई। जलकल विभाग से 100 एमएम तक की पाइपलाइन में लीकेज मरम्मत की दो तथा पशु विभाग से सार्वजनिक स्थल से मृत पशु हटाने की एक शिकायत प्राप्त हुई। पहले दिन उद्यान विभाग से जुड़ी कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई। सिगरा, ईश्वरगंगी, नागवा और हनुमान फाटक क्षेत्र रहे आगे ​गंगा तटवर्ती 25 चयनित वार्डों में से सिगरा (वार्ड 53), ईश्वरगंगी (वार्ड 73), नागवा (वार्ड 22) और हनुमान फाटक (वार्ड 67) से दो-दो शिकायतें दर्ज की गईं। इसके अलावा मध्यमेश्वर, बिंदुमाधव, बलुआबीर, शिवाला, प्रह्लादघाट, गोलादीनानाथ, दशाश्वमेध, जंगमबाड़ी और कालभैरव वार्डों से भी नागरिकों ने समस्याएं भेजीं। निगम की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर समाधान किया और जीपीएस-टैग्ड फोटो अपलोड कर शिकायतों को क्लोज किया। चार घंटे की समयसीमा में शामिल विभाग एवं प्रमुख समस्याएं… ​इस त्वरित समाधान सेवा के दायरे में नगर निगम के छ्ह प्रमुख विभागों की कुल 14 बुनियादी समस्याओं को कवर्ड किया गया है – ​स्वास्थ्य विभाग (5 समस्याएं): सफाई कार्य, डोर-टू-डोर कूड़ा उठान, खाली प्लॉट की सफाई, गली पिट/नाली की सफाई, यूरिनल/ट्वायलेट की सफाई। ​जलकल विभाग (3 समस्याएं): सीवर ओवरफ्लो, लीकेज मरम्मत (100 एमएम की लाइन तक), गन्दे पानी को गली में बहाना। ​सामान्य अभियन्त्रण विभाग (2 समस्याएं): जलभराव की समस्या, नाला बैरिकेडिंग करना। ​आलोक विभाग (2 समस्याएं): स्ट्रीट लाइटों के खम्भों में बिजली उतरना, स्ट्रीट लाइट को समय से जलाना/बन्द करना। ​उद्यान विभाग (1 समस्या): उद्यान के कचरे को उठाना। ​पशु विभाग (1 समस्या): सार्वजनिक स्थलों पर मृत पशु का निस्तारण। ​प्रथम चरण में शामिल 25 वार्डों की सूची ​आदमपुर जोन के 6 वार्ड शामिल है
राजघाट (वार्ड 15), कोनिया (वार्ड 68), घसियारीटोला (वार्ड 72), ओमकालेश्वर (वार्ड 80), प्रह्लादघाट (वार्ड 55), हनुमान फाटक (वार्ड 67)। ​भेलूपुर जोन के चार 4 वार्ड
शिवाला (वार्ड 75), बागहाड़ा (वार्ड 74), मदनपुरा (वार्ड 78) एवं नगवां (वार्ड 22)। ​दशाश्वमेध जोन के 10 वार्ड :
सिगरा (वार्ड 53), दशाश्वमेध (वार्ड 96), बंगालीटोला (वार्ड 91), जंगमबाड़ी (वार्ड 89), सूर्यकुण्ड (वार्ड 82), रामापुरा (वार्ड 90), आदिविशेश्वर (वार्ड 69), मध्यमेश्वर (वार्ड 66), गोलादीनानाथ (वार्ड 84), पियरीकलां (वार्ड 83)। ​कोतवाली जोन के 5 वार्ड :
कालभैरव (वार्ड 97), बिन्दुमाधव (वार्ड 79), कृतिवाशेश्वर (वार्ड 81), ईश्वरगंगी (वार्ड 73), बलुआबीर (वार्ड 88)। ​कमांड सेंटर से होगी कड़ी निगरानी ​शिकायतों की लाइव मॉनिटरिंग और रोजाना समीक्षा के लिए एक विशेष कमाण्ड एवं कन्ट्रोल सेन्टर स्थापित किया गया है। इसमें 1 आई.टी. एक्सपर्ट, 1 डाटा एनालिस्ट एवं 7 ऑपरेटरों की तैनाती शिफ्टवार सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक की गई है। किसी भी अन्य प्रकार की सहायता के लिए नागरिक नगर निगम डेस्क नंबर 0542-2720005 पर संपर्क कर सकते हैं।

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