‘2 दिन मौत को करीब से देखा, अब वहां प्रलय’:नेपाल से लौटे ओम बोले- जिस होटल में रुके, खाना खाया, वहां आज चारों तरफ मलबा
‘आधे रास्ते में ऊपर से पत्थर मेरे पास लुढ़कता आया। साथियों की सांसें थम गईं। वो तो महादेव की कृपा रही कि पत्थर त्रिशूली नदी में चला गया। पलभर में मैंने मौत की आवाज सुनी।’ नेपाल में रसुवागढ़ी में हुई भीषण तबाही के बाद इंदौर के ओम द्विवेदी ने अपनी आपबीती साझा की है। ओम…